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अतीत की गलतियों से हमने सबक लिया: पासवान

अतीत की गलतियों से सबक लेने की बात स्वीकार करते हुए लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में राजद-लोजपा गठबंधन सरकार बनेगी। लोजपा सुप्रीमो ने स्वीकार किया कि 2005 में विधानसभा तथा 2009 में लोकसभा चुनावों में बिना तालमेल के चुनाव लड़ना एक भूल थी।

पूर्व रेलमंत्री ने कहा कि 2005 में बिहार में राजद प्रमुख लालू प्रसाद के नेतृत्व में सरकार नहीं बनने देना एक भूल थी। इससे राजद को भी नुकसान हुआ और लोजपा को भी। इससे उन्होंने सबक लिया है। उन्होंने कहा कि 2005 के प्रकरण से नीतीश कुमार के रूप में एक ऐसे व्यक्ति को सत्ता में आने का मौका मिल गया जो अहंकार में चूर रहते हैं और जनता का भी भला नहीं हुआ।

बिहार में इस बार की लड़ाई को रोचक बताते हुए पासवान ने कहा कि सत्तारूढ़ राजग के विकास का बुलबुला फूटेगा।  इस बार के चुनाव प्रचार में राजग में प्रचारक के नाम को लेकर मारा मारी और टिकटों के बंटवारे में भाजपा तथा जदयू में अंतर्कलह का जिक्र करते हुए पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार अलग थलग पड़ गये हैं। उन्होंने कहा कि राजद-लोजपा गठबंधन के सत्ता में आने के बाद वह सुपर सीएम नहीं बल्कि महावत की भूमिका निभायेंगे।

पासवान ने कहा कि सरकार एक हाथी की तरह होती है, वह गठबंधन की सरकार बनने के बाद महावत की भूमिका में होंगे ताकि सरकार रास्ता न भटके। वह नयी सरकार पर अंकुश रखने का काम करेंगे। चुनावों के बाद त्रिशंकु विधानसभा की आशंका को खारिज करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सहित अन्य धर्मनिरपेक्ष समूहों तथा दलों की मदद के बिना अपने बूते वह सरकार बनाने में सफल होंगे।

सत्तारूढ़ राजग और कांग्रेस के साथ मुकाबले के लिए तैयार पासवान ने कहा कि इस बार वह एक बड़ा परिवर्तन लाने का इरादा रखते हैं और उनके गठबंधन की भारी जीत होगी। अक्टूबर 2005 के विधानसभा चुनाव में राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन उसका सत्ता में वापसी का मंसूबा पूरा नहीं हो पाया क्योंकि लालू विरोधी मतों का लोजपा और निर्दलीयों में विभाजन हो गया। पासवान ने कहा कि जाने अनजाने में गलतियों से बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सांप्रदायिक और फासीवादी सरकार का गठन हो गया। उन्होंने इससे बड़ा सबक लिया है।

लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी की हार के बारे में पासवान ने कहा कि उस समय हमारा मतदाता शांत हो गया था लेकिन विधानसभा चुनावों में इस बार हमारे पक्ष में बयार है। बिहार के वरिष्ठ नेता ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद हमें विधानसभा चुनावों की तैयारी करने के लिए अच्छा समय मिल गया।

राजद प्रमुख लालू प्रसाद का जिक्र करते हुए पासवान ने कहा कि लालू जी ने अतीत से सबक लिया है और अब वह बिल्कुल बदल गये हैं। बिहार विधानसभा चुनावों में अपने विधायकों तथा वरिष्ठ नेताओं का साथ छोड़ने की बात को सिरे से खारिज करते हुए पासवान ने कहा कि वह किंगमेकर के रूप में उभरेंगे।

लोजपा प्रमुख ने अपने वोट बैंक में सेंध लगने की बात को भी खारिज किया और कहा कि नीतीश कुमार ने दलित के नाम पर जो चाल चली थी उसकी कलई खुल गयी है। उन्होंने कहा कि दलितों को एहसास हो गया है कि सरकार ने उन्हें ठगा है। नीतीश कुमार ने उन्हें जो सब्जबाग दिखाये थे वह हकीकत में नहीं बदल पाए। यदि लोगों पर इस छलावे का प्रभाव बाकी होता तो बीते वर्ष जिन 18 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए उनमें राजग के खिलाफ वोट नहीं पड़े होते।  कांग्रेस के धड़े में जाने की बात को खारिज करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह किसी के रहमो करम पर मंत्री नहीं रहे। उन्होंने कहा कि राजद लोजपा गठबंधन की कीमत पर मैं कोई निर्णय लेने नहीं जा रहा हूं।

सरकार बनने पर अपने भाई पशुपति कुमार पारस और किसी मुस्लिम को उप मुख्यमंत्री पद के रूप में पेश करने के अपने निर्णय पासवान ने कहा कि उनके (पारस के) व्यापक अनुभव को देखते हुए यह फैसला किया गया है। वह खगडिया जिले के अलौली विधानसभा क्षेत्र से 1977 से विधायक हैं और विधानसभा में सबसे वरिष्ठ सदस्य भी। उन्होंने कहा कि अयोध्या विवाद पर फैसले के कारण मुस्लिम कांग्रेस शासन में खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनकी सरकार बनी तो समुदाय में व्यापक जनाधार वाले किसी मुस्लिम नुमाइंदे को उप मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा।

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