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सरकारें राज्य को आगे ले जाने में विफल: राजा

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव डी राजा ने गुरुवार को कहा कि बिहार में अब तक जिन दलों की सरकारें रही वे राज्य को आगे ले जाने में विफल साबित हुई है। आसन्न बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के मिथिलांचल क्षेत्र का भ्रमण कर पटना लौटे
राजा ने आज कहा कि बिहार में अब तक जिन दलों का चाहे व कांग्रेस, राजद और अन्य दल हो जिनका भी शासन रहा वे यहां कृषि सहित अन्य प्राकतिक संसाधनों एवं मानव संसाधन के मौजूद होने के बावजूद प्रदेश को आगे ले जाने में विफल रहे जिससे यह राज्य पिछड़ा और देश का सबसे अधिक गरीब राज्य बना रहा।

उन्होंने कहा कि आज इस प्रदेश का मानव विकास सूचकांक बहुत कम है तथा राज्य के युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है और इसके लिये उन्हें अन्य राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है। राजा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस राज्य के विकास को लेकर चाहे जो भी दावा करें पर यहां आधारभूत संरचनाओं का आज भी अभाव है।

उन्होंने कहा कि बिहार में आज भी बच्चे शिक्षा से वंचित हैं और डी बंधोपाध्याय आयोग की अनुशंसाओं के बावजूद राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में भूमि सुधार कानून को लागू नहीं किए जाने के कारण लोगों के पास कृषि और आवासन के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है।

राजा ने बिहार विद्युत आपूर्ति की स्थिति को दयनीय बताते हुए कहा कि राज्य की राजधानी पटना सहित प्रदेश के अन्य भागों में एकतरफ जहां बिजली की समस्या बनी हुई वहीं दूसरी तरफ सड़कों की हालत भी बुरी बनी हुई है।

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि कल्याणकारी राज्य में जनता की सभी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति होनी चाहिए और सरकार को समर्पण भाव से काम करना चाहिए पर बिहार में जो उन्होंनें देखा और पाया उसके अनुसार यहां के राजनीतिक दल जनता के प्रति सहानुभूति रखने के बजाए केवल सत्ता में बने रहने की लिप्सा रखते हैं।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पर जिस प्रकार से यहां की जनता ने विश्वास कर उन्हें सत्ता में लाने का काम किया वे उसमें खरे नहीं उतरे हैं और उनकी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। राजा ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में उनका मानना है कि इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव इस प्रदेश के लिए निर्णायक साबित होगा।

बिहार में वामदलों के चुनाव प्रचार अभियान को बहुत प्रभावी बताते हुए आज दावा किया कि उन्हें समाज के सभी तबकों का इसमें समर्थन मिल रहा है और उन्होंनें तीनों वाम दलों भाकपा, माकपा और भाकपा माले के इस बार एकजुट होकर चुनाव लड़ने के निर्णय का स्वागत किया है।

उन्होंने कहा कि कुछ सीटों को छोड़कर अधिकांश पर ये वामदल पहली बार आपसी तालमेल के साथ चुनाव लड़ रहे हैं और वाम दलों की यह एकता निश्चित तौर पर न केवल बिहार के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करेगी बल्कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति से जुड़े नीतिगत फैसलों पर भी इसका असर दिखेगा।

राजा ने उम्मीद जाहिर की कि प्रदेश की जनता वाम दलों को भी एक मौका प्रदान करेगी और इस चुनाव में वामदल अधिक से अधिक सीट जीतकर प्रदेश के विकास में बेहतर भूमिका निभाने की स्थिति में होंगे।

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