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आ गए नए और बहुआयामी मल्टीमीडिया प्लेयर

बाजार में रोजाना तरह-तरह के उपकरणों की श्रृंखला हैरान करने वाली है। जरूरी बात यह है कि यह उपकरण अपने आप में बहुआयामी हैं। मसलन, अब आपका होम थियेटर या टेबलेट पीसी केवल अपने नाम जितने ही कार्य नहीं करते, बल्कि उनके जरिए आप कई अन्य जरूरी कामनिपटा सकते हैं। तो जान लें कि यह जमाना है मल्टीपर्पस उपकरणों का जिनकी पहले खेप बाजार में है और भविष्य का अंदाजा आप खुद लगाएं-

मल्टीमीडिया प्लेयर और उनमें समयानुसार परिवर्तन के साथ आ रहे नए-नए गैजेट से बाजार गुलजार हो रहे हैं। खासकर युवाओं को ये गैजेट खूब भा रहे हैं। इसकी वजह यही है कि डीवीडी और सीडी प्लेयर का दौर भी अब कैसेट रिकॉर्डरों की तरह सिमटने की तरफ बढ़ रहा है। इनकी जगह अब फ्लैश कॉर्ड मेमोरी, पेन ड्राइव, एमएमसी और एसडी कॉर्ड लगाकर लोग अपनी पसंद के गीत-संगीत का लुत्फ उठाने लगे हैं। इस बारे में दरियागंज, दिल्ली में स्थित एक बड़े गैजेट शोरूम में विराजमान विक्रेता का तो दावा था कि इसी साल के अंत तक नए जमाने के मल्टीमीडिया प्लेयर पुराने सिस्टम को आउटडेटेड कर सकते हैं।
जब दो-चार जीबी की मेमोरी ही 200 रुपए में पास आ जाए और उसमें भी एमपी थ्री और एमपी 4 जैसे फॉर्मेट में गीत-संगीत का खजाना मिल जाए। उसे आप कभी अपने मोबाइल तो कभी मल्टीमीडिया प्लेयर की मदद से एक्सेस भी कर पाएं तो भला सीडी डीवीडी की भी क्या जरूरत?
नए दौर के ये म्यूजिक सिस्टम आपको मौका देते हैं कि मेमोरी कार्ड या यूएसबी ड्राइव से सीधे म्यूजिक प्ले कीजिए। साथ में बिल्ट-इन एफएम भी आपको मिले जिस पर महानगरों में तो दजर्न भर चैनल मनोरंजन करते हों, वहां पुराने म्यूजिक सिस्टम की तो छुट्टी हो ही सकती है। इसी विक्रेता के मुताबिक काफी सारे घरों में तो इस बार की त्योहारी खरीदारी में नए मल्टीमीडिया प्लेयरों की ही धूम मचने वाली है। बाजार में लुभावने आइपॉड तो चलन में हैं ही, अब मल्टीमीडिया प्लेयर भी रंग जमाने लगे हैं।

वैसे तो बड़े खरीदारों के लिहाज से एचडी मीडिया प्लेयर भी बाजार में हैं, जिनके दाम हालिया महीनों में स्पर्धा के चलते काफी कम हुए हैं। एक्सड्रीमर प्लेयर आज की तारीख में 12-14 हजार में मिल रहा है। इसमें यूएसबी ड्राइव के जरिए डिजिटल साउंड का लुत्फ आप अपने नए जमाने के टीवी या पीसी पर उठा सकते हैं। इसी क्रम में बफैलो एलटी वी-100 का भी नाम है जो कॉम्पेक्ट लुकिंग वाला यह यह एचडी प्लेयर यूएसबी 2. 0 पोर्ट और एचडीएमआई पैनल बैक के साथ मिलता है। इसमें एमपी4, एमपीजी, आरएमवीबी, एमओवी, एमकेवी, एवीआई फॉरमेट पर काम करने की क्षमता है, पर यह एफएलवी फाइलों के प्ले नहीं कर पाता, जबकि इसका दाम 12,000 रुपए है।
एक उपकरण कोम्प्रो वीडियोमेट 950 भी बाजार में है। यह ज्यादा आधुनिक तकनीक का है और लगभग सभी प्रकार के पीसी, टीवी, म्यूजिक सिस्टम को सपोर्ट करता है। यह भी हाईडेफिनेशन टीवी के लिए खास तौर पर बना है। सीगेट भी इस तरह के उपकरण को लेकर बाजार में है।  इसमें भी एचडीटीवी सहित सभी तरह के उपकरणों को सपोर्ट करने की क्षमता मौजूद है। इसकी कीमत है
9,500 रुपए।

टैबलेट खरीदारी के पांच सूत्र

हाल में डेल ने अपना टैबलेट कंप्यूटर स्ट्रीक लॉन्च किया, वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपना स्लेट कंप्यूटर क्रिसमस तक पेश करने की बात की। इस दौरान एक नहीं, कई और ब्रांड्स जैसे बिनाटोन और वॉक्स ने नौ हजार रुपये से कम के टैबलेट पीसी भारतीय बाजार में उतारने की घोषणा की है, वहीं डेल द्वारा उतारे गए टैबलेट पीसी की कीमत 31 हजार रुपये से अधिक की है, जिसके आसान फंक्शन एक हल्के टच के साथ आपको आपकी होमस्क्रीन से भी जोड़ देते हैं। साथ ही अन्य एप्लीकेशनों और कनेक्टिविटी से भी। मॉडल डेल स्ट्रीक वेबमेल से भी जोड़ता है और इसका वचरुअल कीबोर्ड भी बेहतर है।
उधर एप्पल के आईपैड और ब्लैकबेरी की प्लेबुक की भी जल्द ही लॉन्च की संभावना है। बाजार की यह स्थितियां जल्दबाजी और उत्साह में आकर खरीदारी नहीं करने की जगह स्मार्ट खरीदार बनने की मांग कर रही हैं।
थोड़ा इंतजार करें: टैबलेट ने अभी बाजार में कदम रखा ही है, कई कंपनियां अपने टैबलेट कंप्यूटर बाजार में लाने वाली हैं। सेमसंग, तोशिबा और माइक्रोसॉफ्ट उन प्रमुख ब्रांड्स में से हैं जो जल्द ही ब्लैकबेरी की श्रेणी में शामिल होंगे। ब्लैकबेरी ने हाल में प्लेबुक लॉन्च की है। कुछ अन्य भारतीय और चाइनीज ब्रांड्स इसी श्रेणी में शामिल हैं। चूंकि बाजार में प्रतियोगिता बढ़ेगी, जाहिर है कुछ समय इंतजार करने पर आप अपना पसंदीदा प्रोडक्ट कम दामों में खरीद सकेंगे।  हां, पर यदि आपके पास अच्छा बजट भी है और जल्द ही टैबलेट खरीदारों की श्रेणी में शामिल होना चाहते हैं, तो फिर बात अलग है।
स्क्रीन साइज महत्वपूर्ण: हालांकि 7 इंच का टैबलेट पीसी बाजार में है, पर सलाह यह है कि ऐसी स्क्रीन खरीदें जो आपको बेहतर कार्यअनुभव दे और जिस पर काम करने में आपको सुविधा हो। स्मार्टफोन और टैबलेट वास्तव में कंप्यूटर का ही बदला हुआ रूप है, जिसमें कुछ और अधिक कनेक्टिविटी सुविधाएं शामिल होती हैं। इन सबसे कुछ आधारभूत अंतर आपके इस्तेमाल के तरीके में हैं। वीडियो देखने का तरीका, इंटरेक्टिव एप्लीकेशन के इस्तेमाल में भिन्नता या फिर टैबलेट कंप्यूटर के मामले में ई-बुक पढ़ना और टच स्क्रीन का अनुभव शामिल होगा। हालांकि स्क्रीन साइज जितना बढ़ा होगा उतना अच्छा रहेगा, पर इस प्रक्रिया में प्रोडक्ट को लाने-लेजाने की सुविधा को ध्यान रखना भी जरूरी है।
मैमोरी का अंतर: सही मैमोरी साइज, रैम (रैंडम एक्सेस मैमोरी साइज) और सही हार्ड डिस्क वाला टैबलेट खरीदें। गाने, वीडियो और ई-बुक के लिए अच्छी मैमोरी जरूरी है। प्रभावी डाउनलोड, गेम्स और वीडियो के लिए अच्छी रैम और स्टोरेज क्षमता होनी जरूरी है। केवल कीमत और लुक पर ही ध्यान फोकस नहीं करें।
प्री-लोड एप्लीकेशंस: एप्लीकेशंस का भी बड़ा प्रभाव देखने को मिलता है, चूंकि इसकी मदद से आपको नेट और दोस्तों से जुड़े रहने की सुविधा होती है। ऐसी डिवाइस चुनें जो आपको पसंद हो और डाउनलोड और खरीदारी के बारे में भी पूरी जांच पड़ताल करें।
बैटरी लाइफ: सामान्य वॉइस फोन में टॉकटाइम काफी महत्वपूर्ण कारक है। चूंकि आपकी मशीन पर हर समय संगीत, वीडियो का लोड होगा और आप हर समय फेसबुक या ट्विटर आदि सोशल नेटवर्क से जुड़े रहना पसंद करेंगे तो इस बात का ध्यान रखें कि आपके टैबलेट को जल्दी-जल्दी चार्ज करने की आवश्यकता नहीं हो।
एन. माधवन (इनपुट तैयारी डेस्क)

नोकिया की दीवानी प्रियंका

प्रियंका चोपड़ा को आप उन अग्रणी मोबाइल फोन प्रेमियों में शामिल कर सकते हैं जो उनके इस्तेमाल और फीचर्स को लेकर काफी जागरूक और सक्रिय रहते हैं। अपना काफी समय वह मोबाइल से जुड़ी गतिविधियों में बिताती हैं, जो उनके सोशल साइट पर जाने का जरिया भी है।
प्रियंका शुरू से ही नोकिया की दीवानी हैं और यही वजह है कि आज उसकी ही ब्रांड एंबेसडर भी हैं। वे कहती हैं, ‘जब मैंने मिस इंडिया का ताज जीता था, तो मेरे पापा मम्मी ने मुझे नोकिया मोबाइल गिफ्ट किया था। फिलहाल मेरे पास नोकिया ई-72 है। इससे पहले मैं नोकिया का ही, जिसमें 8 जीबी वाला एन-95 यूज कर रही थी। ई-72 मुझे पसंद है क्योंकि इसके फीचर्स ऐसे हैं, जो मुझे चाहिए थे। इसका लुक अच्छा है और यह हल्का भी है। इसकी वजह से मैं चाहे कहीं भी रहूं, फेसबुक और ट्विटर से जुड़ी रहती हूं। दोनों (फेसबुक और ट्विटर) का फंक्शन भी इसमें काफी आसान है।’ वे बताती हैं कि उनका काम ऐसा है जिसमें काफी समय बाहर रहना होता है। ऐसे में मोबाइल और सोशल नेटवर्किग साइट से जुड़े रहना बहुत जरूरी होता है। अभी कुछ दिन पहले मैं शूटिंग के लिए कुर्ग में थी, जहां नेटवर्क ही नहीं था, लेकिन थोड़ी देर बाद नेटवर्क आया और मैं रिलैक्स हुई। मेरा मोबाइल मेरे लिए बहुत ही हेल्पफुल गैजेट है और मैं इसके सारे फंक्शंस जैसे, एमएमएस और म्यूजिक डाउनलोड वगैरह को यूज करती हूं।’

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