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जीवन बीमा क्लेम

जीवन बीमा का क्लेम करने की दिशा में जाहिर है सबसे पहला कदम बीमा कंपनी से संपर्क करना होता है। इसके लिए आप क्षेत्रीय कार्यालय, हेल्प लाइन, कॉल सेंटर व अपने एजेंट से संपर्क कर सकते हैं। हालांकि बीमा कराते समय कहा जाता है कि कंपनी कुछ वर्ष पुराने दावों का भी क्लेम पूरा करती है, पर इस संबंध में जितना जल्दी हो क्लेम की सूचना देना बेहतर रहता है। सेटलमेंट जल्दी होगा।
दस्तावेज: पॉलिसी दस्तावेज के अतिरिक्त आपको बीमाधारक का मृत्यु प्रमाण पत्र भी जमा कराना होगा। दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में आपको एफआईआर की जरूरत भी होगी। इसके अलावा, बीमा कंपनी द्वारा नामित व्यक्ति को बीमाधारक के साथ अपने संबंधों का प्रमाण और एड्रेस प्रूफ आदि देने के लिए भी कहा जाता है। ध्यान रहे कि पॉलिसी दस्तावेज होना अनिवार्य है। कुछ खास स्थितियों में इस नियम का अपवाद देखने को भी मिल जाता है।
नामित व्यक्ति: टर्म प्लान के तहत नामित व्यक्ति को केवल बीमाकृत राशि मिलती है। परंपरागत इन्वेस्टमेंट-कम-इंश्योरेंस प्लान में बीमाकृम राशि के साथ आपको उस तिथि तक का अजिर्त बोनस भी मिलता है। यूलिप में  यह आपके द्वारा चुने गए विकल्प पर निर्भर करेगा। टाइप 1 यूलिप में बीमाकृत राशि या फंड वैल्यू दोनों में से जो राशि अधिक होती है, वह मिलती है। वहीं टाइप-2 में आपको बीमाकृत राशि और फंड वैल्यू दोनों मिलती है। नए निर्देशों के अनुसार भुगतान किए गए कुल प्रीमियम का कम से कम 105 प्रतिशत डेथ बेनेफिट के रूप में मिलता है। दावे का भुगतान करने से पहले कंपनी दावे की सत्यता की जांच करती है। पॉलिसी लेने के दो साल के भीतर आपने दावा किया है तो कंपनी को जांच में लगभग छह माह का समय लगता है। क्लेम स्वीकार करने के बाद कंपनी तीस दिन के भीतर भुगतान कर देती है। भुगतान विलंब में आप इरडा, टोल फ्री नंबर-155255 पर संपर्क कर सकते हैं।

 

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