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बंदर जैसे प्राणी बबून

बंदर जैसे प्राणी बबून

अक्‍सर कई ऐसे जानवर या जन्तु आपको दिखायी देते होंगे, जो किसी और जानवर से मेल खाते हैं । इसी प्रकार का एक बहुत ही अजीब-सा प्राणी है बबून, जो कि अपने कद काठी और चाल-ढाल से बिल्कुल बंदर की तरह का ही दिखायी देता है।
आइए जानते हैं इसके बारे में..

मेरा चित्र देख कर तुम सोच रहे होगे कि यह कैसा अनोखा बंदर है। लेकिन मैं तुम्हें बता दूं कि मुझे बबून कहते हैं। जीव विज्ञान के अनुसार मेरा नाम ‘पैपियो’ है। हम अधिकतर मैदानी जंगलों में रहते हैं। हमारी कुछ प्रजातियां अफ्रीका के पहाड़ी जंगलों में भी रहती हैं। वैसे इस धरती पर हमारी पांच प्रमुख प्रजातियां पायी जाती हैं। उनमें ऑलिव बबून और येलो बबून अधिक कॉमन हैं।

मैं तुम्हें अपनी कुछ पहचान बताता हूं, ताकि तुम मुझे किसी चिड़ियाघर में देखो तो पहचान जाओ। मेरी खास पहचान है कि मेरे मुंह का अग्रभाग कुत्ते जैसा होता है। मेरा जबड़ा बहुत मजबूत होता है। हमारे पूरे शरीर पर मोटे काले या भूरे फर होते हैं। मादा बबून के शरीर पर फर नहीं होते। हां यह जरूर है कि हमारी पूंछ बंदर की तरह लम्बी नहीं होती, बल्कि बहुत छोटी होती है। हमारे पिछले हिस्से की खाल गद्देनुमा, लाल रंग की होती है। उससे हमें बैठने में सुविधा रहती है।

हमें अधिकतर पेड़ों या ऊंचे स्थानों पर रहने की आदत होती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर हम जमीन पर रहने की आदत भी डाल लेते हैं। सुबह हम भोजन की तलाश में निकल पड़ते हैं और भोजन के बाद हम खूब मस्ती करते हैं। लेकिन शाम होने तक हम वापस अपने सोने के स्थान पर पहुंच जाते हैं। हम पेड़ की मोटी टहनियां या ऊंची चट्टानों और दीवारों पर सोते हैं।
वनों में हमारी सभी प्रजातियां समूह में रहना पसंद करती हैं। वैसे तो हमारे समूह में बबून 8-10 से लेकर 200 से ज्यादा भी होते हैं। यह परिस्थितियों एवं स्थान पर निर्भर करता है। लेकिन अधिकतर समूह में बच्चों सहित हमारी संख्या 50 के आसपास होती है। हमारी एक बात तुम्हें शायद अच्छी न लगे। अपने समूह में प्रभुत्व दिखाने के लिए हम अक्सर लड़
पड़ते हैं।

अब मैं तुम्हें अपने भोजन के बारे में बताता हूं। जानते हो हम शाकाहारी एवं मांसाहारी दोनों तरह का भोजन कर लेते हैं। वैसे अधिकतर हम वनस्पति और फल आदि खाते हैं, लेकिन कभी कभी हम कीड़े मकौड़े, मछली, पक्षी, खरगोश एवं भेड़-बकरियों को भी अपना भोजन बना लेते हैं। जंगलों में हम शेर, तेंदुआ, चीता और हाइना आदि से डरते हैं, क्योंकि यह हमारा शिकार करने की फिराक में रहते हैं।

एक खास बात तो मैं बताना ही भूल गया। हम बबून करीब 30 प्रकार की आवाजें निकाल लेते हैं। तुम जानते हो ना, बंदर अपनी लम्बी पूंछ के सहारे पेड़ों पर लटक कर मस्ती करते हैं। लेकिन हम लम्बी पूंछ न होने पर भी पेड़ों पर बहुत मस्ती करते हैं।

अन्य बातें:

बबून एक बुद्घिमान प्राणी है। यह मनुष्यों की बस्ती के आसपास भी रह सकते हैं।
छोटे बबून का आकार 20 इंच तक तथा इनका वजन 14 किलोग्राम तक होता है।
बड़े बबून आकार में 47 इंच तक भी होते हैं, जिनका वजन 40 किलोग्राम हो सकता है।
वनों में इनका औसत जीवन 30-35 वर्ष होता है, जबकि चिड़ियाघरों में बबून 45 वर्ष तक भी जी सकते हैं।
शिकारी को डराने, अपने मनोरंजन के लिए और डर के कारण यह मुंह से तरह-तरह की आवाजें निकालते हैं।

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  • Web Title:बंदर जैसे प्राणी बबून