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व्हाइट हाउस के व्हाइट होने का रहस्य

व्हाइट हाउस के व्हाइट होने का रहस्य

बच्चो, तुमने व्हाइट हाउस का नाम जरूर सुना होगा, जो अमेरिकी राष्ट्रपति का सरकारी निवास है। लेकिन क्या तुम्हें यह मालूम है कि व्हाइट हाउस सफेद ही क्यों है, इसमें दूसरा रंग क्यों नहीं किया गया? नहीं पता, चलो हम तुम्हें बताते हैं।
बच्चों यह अमेरिका के वॉशिंगटन शहर में स्थित है। जब इसका निर्माण हुआ, तब न तो सफेद था और न ही इसका नाम व्हाइट हाउस था। इस भवन के निर्माण का डिजाइन जेम्स होबन नामक इंजीनियर ने तैयार किया था। 13 अक्तूबर 1792 में इसकी आधारशिला रखी गयी थी और 1800 में इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ था। यह भवन स्लेटी रंग के पत्थरों से बनाया गया था। उस समय इसमें सफेद रंग नहीं था। इस भवन में सबसे पहले रहने वाले राष्ट्रपति जान एडम्स थे। 24 अगस्त 1814 को युद्घ के दौरान ब्रिटिश सेनाओं ने वॉशिंगटन पर हमला बोल दिया और भवन को जला दिया। इस हमले के बाद इसका छोटा भाग सुरक्षित बच गया। आर्किटेक्ट होबन की देखरेख में इसका निर्माण दोबारा शुरू हुआ, जो 1817 में पूरा हुआ। आग लगने के बाद इसकी दीवारें धुएं से काली हो गयीं, जिन पर सफेद रंग कर दिया गया। इसके बाद से इसे व्हाइट हाउस के नाम से जाना जाने लगा, लेकिन सरकारी तौर पर इस भवन का नाम व्हाइट हाउस सन 1902 में राष्ट्रपति थियोडर रूजवेल्ट ने रखा। इस भवन में तीन मंजिल हैं, जिनमें 100 कमरे हैं। इन कमरों में रंग अलग-अलग हैं।  

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