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फाइनल में पहुंचने के बाद हॉकी खिलाड़ियों को पड़ी डांट

फाइनल में पहुंचने के बाद हॉकी खिलाड़ियों को पड़ी डांट

भारतीय हॉकी टीम ने मंगलवार को रोमांच से भरपूर सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट के जरिए 5-4 से हराकर 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की हॉकी स्पर्धा के फाइनल में पहली बार जगह बनाई लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ियों को कोच से डांट सुननी पड़ी।

इसका कारण यह है कि कोच जोस ब्रासा मैच के बाद अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल के उल्लंघन के अलावा निर्धारित व अतिरिक्त समय में खराब खेल को लेकर खासे नाराज थे। ब्रासा ने मैच के बाद खिलाड़ियों को काफी भला-बुरा कहा और अपने पैर जमीन पर रखने की हिदायत दी।

भारतीय टीम के एक सूत्र ने बताया कि मैच के बाद खिलाड़ियों को 12 मिनट प्रोटोकॉल के तहत मैदान में वार्मअप करते हुए बिताना होता है लेकिन सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान इस प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। साथ ही साथ कई खिलाड़ी मैदान में अपने मोबाइल फोन पर बात करते दिखे। कोच सबसे अधिक इसे लेकर नाराज दिखे।

सूत्र ने कहा कि कोच ने हमसे कहा कि हम अपने पैर जमीन पर रखें। जिन खिलाड़ियों ने मैच के बाद मैदान में अपने तथा कुछ पत्रकारों के मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए टेलीविजन चैनलों को बाइट दिए थे, उन्हें कोच ने खूब लताड़ा। कोच के मुताबिक वह टीम में अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और उन्होंने इसकी शिकायत हॉकी इंडिया से करने की भी बात कही।

सूत्र ने बताया कि ब्रासा निर्धारित समय के अंतिम मिनट और दूसरे अतिरिक्त समय के दौरान टीम के खेल से बेहद निराश हैं। ब्रासा का कहना है कि कुछ बड़ी गलतियों के कारण टीम को पेनल्टी स्ट्रोक का सामना करना पड़ा, जबकि इस मैच को दूसरे अतिरिक्त समय में ही जीता जा सकता था।

बकौल सूत्र, कोच ने साफ शब्दों में कहा कि कुछ खिलाड़ी गोल्डन गोल करने के लिए तय रणनीति की धज्जियां उड़ा रहे थे। कई मौकों पर वरिष्ठ खिलाड़ियों ने भी अच्छे पास खराब किए। अगला मैच आस्ट्रेलिया के साथ होना है और इस तरह की लापरवाही के कारण हारना पड़ सकता है।

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