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मकानों के दरवाजे पर जड़ दी गई सील

वर्दी वाले ही वर्दी वालों पर रौब झाड़ रहे हैं। मेरठ में तैनात एक सब इंस्पेक्टर ने गाजियाबाद पुलिस को चैलेंज किया कि गाजियाबाद में कब्जा किया हुआ उसका सरकारी मकान कोई भी खाली नहीं करवा सकता। इस पर रिएक्शन इतना तेज हुआ कि एसएसपी ने दो एडिशनल एसपी समेत कुल 73 डिफाल्टर पुलिस वालों की सूची तैयार कर डाली और वषरे से पुलिस लाइन में मकान कब्जाकर जमे बैठे एक सब इंस्पेक्टर समेत चार पुलिस वालों का घर तत्काल खाली करा घर सील करवा दिया। बाकी के 69 डिफाल्टरों को 12 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है कि वे घर खुद खाली कर दें वरना उनके घर जबरन खाली कराए जाएंगे। एसएसपी के इस आदेश से मौजूदा समय में जिले में तैनात उन अधिकारिंयों व पुलिसकर्मियों के चेहरे पर खुशी की झलक देखने को मिली जिन्हें सरकारी घर अभी तक नहीं मिल पाए हैं और वे किराये के घर, होटल या गेस्ट हाउस में अपने परिवार के साथ गुजारा कर रहे हैं।
 एसएसपी रघुवीर लाल ने उन 73 डिफाल्टर पुलिस वालों की सूची तैयार की जिनके ट्रांसफर कई वर्ष पूर्व हो चुके हैं, उसके बाद भी उन डिफाल्टरों के परिजन या वे खुद जबरन पुलिस लाइन में घर कब्जा कर रह रहे हैं। उनकी वजह से यहां पर तैनात अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को किराये के घर, होटल व गेस्ट हाउस में रहना पड़ रहा है। रघुवीर लाल ने बताया कि इन्हीं डिफाल्टर में से एक सब इंस्पेक्टर परवेज अली हैं जो इस वक्त मेरठ में जानी थाने में एसओ हैं। उन्होंने गाजियाबाद पुलिस को चैलेंज किया था कि उनका घर कोई खाली नहीं करा सकता। वे जब तक चाहेंगे सरकारी आवास में रहेंगे, जबकि परवेज का गाजियाबाद से ट्रांसफर हुए दो वर्ष हो गए। इस चैलेंज को स्वीकारते हुए मंगलवार को ऐसे 73 पुलिसवालों की सूची तैयार कराई गई जो यहां जबरन रह रहे हैं। उनमें से सब इंस्पेक्टर परवेज अली, कांस्टेबल महेंद्र, अशोक और कोमल के घर खाली कराए गए व उनके घरों को सील किया गया। इसके बाद बाकी के 69 पुलिसवालों को 12 घंटे की मोहलत दी गई है। इन डिफाल्टरों की लिस्ट में दो एडिशनल एसपी जगदीश शर्मा और अनिल कुमार भी शामिल हैं। मौजूदा समय में जगदीश शर्मा एसटीएफ व अनिल कुमार एसपी ग्रामीण बरेली में तैनात हैं। इनमें से ऐसे भी पुलिस वाले सरकारी मकानों में कब्जा करके रहे हैं जिनका ट्रांसफर वर्ष 1991 और 97 में हो चुका है।
 
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थानों के मकान भी कराये जाएंगे खाली
जिले में इंदिरापुरम, साहिबाबाद, कविनगर, सिहानी गेट, हापुड़, पिलखुआ आदि ऐसे थाने हैं जहां पर पुलिस वाले जबरन सरकारी आवास कब्जा किए हुए हैं। ऐसे पुलिस वालों का ट्रांसफर हुए कई साल हो चुके हैं। एसएसपी रघुवीर लाल का कहना है कि पुलिस लाइन में डिफाल्टरों के घर खाली कराने के बाद थानों में बने सरकारी आवासों में जमे बैठे पुलिस वालों के मकान खाली कराए जाएंगे।
कई पुलिस अफसर हैं अब तक बेघर
सरकारी मकान खाली न होने की वजह से एएसपी अमित कुमार वर्मा को सीबीआई गेस्ट हाउस के एक कमरे में परिवार के साथ रहना पड़ रहा है। वहीं डीएसपी अरविंद कुमार पांडे, वीर सिंह समेत सैकड़ों अधिकारी व पुलिसकमियों को इधर-उधर गुजर बसर करना पड़ रहा है। यहां पर तैनात पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी इंतजार में हैं कि कब डिफाल्टर घर खाली करें और उन्हें सरकारी घर रहने को मिले।

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