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भाई को देख पिस्टल थामी अन्नू ने

घर में बने शूटिंग रेंज में जब अन्नू राज सिंह के बड़े भाई अमित राज को पिस्टल चलाते देखती थी तो उसके मन में भी शूटर बनने की इच्छा पैदा हुई। लगभग 12 साल की उम्र में उन्होंने पिस्टल थाम ली। उसके बाद वह भी अपने भाई के साथ ही घर में अभ्यास करने लगीं। जब उसका हाथ कुछ सधा तो उन्होंने 13 वर्ष की उम्र में पहली बार जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया। यहाँ मिले पहले स्थान के बाद उसका हौंसला बुलंद हो गया। उसके बाद अन्नू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।


मौजूदा समय में अन्नू राज सिंह को .22 स्पोर्ट्स पिस्टल में विश्व में 26वीं और .177 एयर पिस्टल में 41वीं रैकिंग मिली है। एशिया में क्रमश: 09 और 14 रैंकिंग है। राष्ट्रमंडल खेल में 10 मीटर एयर पिस्टल में हिना सिद्धू के साथ गोल्ड पर निशाना साधने वाली अन्नू राज सिंह वर्ष 2000 से ही दिल्ली में अपने भाई के साथ रह कर शूटिंग का अभ्यास कर रही हैं। भारत की जूनियर टीम में इसी साल उन्हें प्रवेश मिला। वर्ष 2004 तक जूनियर टीम की सदस्य रहीं। उसके बाद अब तक वह भारत की सीनियर टीम की सदस्य हैं। शूटिंग अभ्यास के दौरान अन्नू राज सिंह को घर का काफी सपोर्ट मिला। अन्नूराज सिंह के पिता डॉ. एसपी सिंह बताते हैं कि जूनियर टीम में आने के बाद सरकार की तरह से उसे स्पांसरशिप मिलने के कारण कभी कोई बाधा नहीं आई। तीन साल पहले उसे एयर इंडिया में नौकरी मिली। तबसे एयर इंडिया अन्नू को स्पांसर कर रहा है। राष्ष्ट्रमंडल खेल के लिए अन्नू दो साल से पुणे में रह कर कड़ा अभ्यास कर रही थीं।
दाएं हाथ की निशानेबाज अन्नूराज सिंह अब तक शूटिंग की वर्ल्ड चैँपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड कप, साउथ एशिया गेम्स और साउथ एशिया चैंपियनशिप सहित कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शामिल हो चुकी हैँ और 27 मेडल जीत चुकी हैं। वर्ष 2007 में हुए नेशनल गेम्स में वह नया रिकार्ड भी बना चुकी हैं। अन्नू के पिता के अनुसार नेशनल चैंपियनशिप 2009 और जूनियर नेशनल चैंपियनशिप 2002 में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में तीन गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता था।

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