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केंचुआ खाद के उत्पादन की योजना

रसायनिक खादों के दुष्प्रभाव से लोगों को निजात दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश में किसानों को केंचुए से बनी खाद के उत्पादन तथा उसके इस्तेमाल के बारे में प्रशिक्षण देने की एक महत्वाकांक्षी योजना शुरु की गई है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि रसायनिक उर्वरकों और रसायनों के दुष्प्रभावों से किसानों को सचेत करने के लिए इस योजना को समूचे राज्य में क्रियान्वित करने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि योजना के माध्यम से किसानों को जैविक खाद के बारे में उपयोगी जानकारी मिलेगी और रोजगार के नए मौके मुहैया होंगे। इस योजना के तहत प्रदेश भर में केंचुआ खाद का उत्पादन करने का लक्ष्य है। केंचुआ खाद को समय की मांग बताते हुए सूत्रों ने बताया कि रसायनिक उर्वरकों की वजह से भूमि की उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है लेकिन केंचुआ खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है।

सूत्रों ने बताया कि इस योजना के पूर्ण क्रियान्वयन से प्रदेश के किसानों के जीवन में एक नई क्रांति आएगी और उन्हें भूमि की खोई उर्वरा शक्ति फिर से प्राप्त करने की प्रेरणा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि रसायनिक खाद की तुलना में केंचुआ खाद योजना को अपनाने पर जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने पर आने वाला खर्च बहुत कम हो जाएगा। योजना के तहत प्रदेश में हर दिन पांच हजार टन केंचुआ खाद उत्पादन का लक्ष्य है। योजना के प्रथम चरण में किसानों का चयन कर उन्हें मार्गदर्शन तथा प्रोत्साहन देने और कार्यक्रम के अनुश्रवण की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान खुद अपने स्तर पर केंचुआ खाद का उत्पादन कर सकेगा।

सूत्रों ने बताया कि केंचुए आर्गेनिक कचरे को बहुत तेजी से विघटित कर देते हैं। उससे बनने वाली खाद काफी अच्छी होती है और वह जमीन की उर्वरता बढ़ाने में मददगार साबित होती है। केंचुआ खाद से जमीन में समुचित लवणीय संतुलन के साथ साथ फसल के लिए जरूरी पोषक तत्व भी उत्पन्न होते हैं।

सूत्रों ने बताया कि केंचुआ खाद का उत्पादन आर्थिक रुप से कमजोर तबके के लिए उपयोगी कुटीर उद्योग भी साबित हो सकता है। अगर हर गांव में बेरोजगार समूह की एक सहकारी समिति बनाकर उसके माध्यम से केंचुआ खाद का उत्पादन और परामर्शी मूल्य पर उसकी बिक्री की जाए तो वह अनेक लोगों के लिए रोजीरोटी का जरिया बन सकती है। उन्होंने बताया कि केंचुआ खाद से जहां किसान के खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं केंचुओं से और केंचुए प्राप्त होंगे जो किसानों की अतिरिक्त आय का जरिया बनेंगे।

सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में केंचुआ खाद उत्पादन योजना को सुचारु रुप से संचालित करने के लिए किसानों के लिए प्रशिक्षण केन्द्र प्रयोगशाला एवं ब्रीडिंग केन्द्र स्थापित किए गए हैं तथा उन्हें अपने उत्पाद की पैकिंग एवं मार्केटिंग की सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इस योजना से एक ओर जहां किसानों को आर्थिक लाभ होगा, वहीं प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बढ़ेगी और रोजगार के प्रचुर अवसर उपलब्ध होने से गांवों से पलायन रुकेगा।

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  • Web Title:केंचुआ खाद के उत्पादन की योजना