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सीता की भूमिका में आज की लड़कियां

सीता की भूमिका में आज की लड़कियां

यह रामलीलाओं का सीजन है। हर इलाके में अपनी-अपनी रामलीलाएं चल रही हैं। इनमें अलग-अलग किरदारों के प्रति आम लोगों की आस्था भी साफ देखी जा सकती है। हालांकि समय के साथ-साथ रामलीलाओं के मंचन में भी काफी बदलाव आया है। पहले जहां सीता की भूमिका भी लड़के ही किया करते थे, वहीं अब इन भूमिकाओं को लड़कियां कर रही हैं। इनमें से कुछ प्रोफेशनल आर्टिस्ट हैं तो कुछ वर्किंग वुमन भी हैं। हमने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में सीता की भूमिका निभा रही कुछ लड़कियों से बातचीत की और जाना कि सीता की यह भूमिका उनके जीवन को कितना बदल रही है। साथ ही हमने इनके जीवन के कुछ अनछुए पहलुओं पर भी बातचीत की। सुधांशु और अमिताभ.स की रिपोर्ट।

ज्योति जायसवाल
रामलीला कमेटी, झिलमिल कॉलोनी, विश्वकर्मा नगर

बेहद मासूम-सी दिखने वाली ज्योति पहली बार पूर्वी दिल्ली की रामलीला में सीता की भूमिका कर रही हैं। यों ज्योति इससे पहले शालीमार बाग, रोहिणी सेक्टर-7 और हरिनगर घंटाघर की रामलीलाओं में सीता की भूमिका निभा चुकी हैं। महज 22 साल की ज्योति ने सीता के ही मेकअप में बताया, मुझे सीता बनते हुए यह चौथा साल है। इससे पहले मैं कई छोटी-छोटी भूमिकाएं किया करती थी, जैसे सूर्पनखा, तारा, केवट की पत्नी अहिल्या आदि। अब मैं सीता की भूमिका में ही रम गयी हूं।
पेशे से आर्टिस्ट ज्योति कंठस्थ कला केंद्र से नृत्य और अभिनय का प्रशिक्षण भी ले रही हैं। ज्योति कहती हैं, जब मैं सीता के किरदार में होती हूं तो मन में एक अजीब-सी शांति महसूस होती है। कई बार ऐसा लगता है कि शायद मुझे किसी दिन भगवान राम के दर्शन होंगे। ज्योति को रामायण में सबसे ज्यादा सीता स्वयंवर में आनंद आता है। हालांकि ज्योति की दिली इच्छा है कि एक दिन उन्हें छोटे या बड़े परदे पर सीता की भूमिका करने को मिले। वह कहती हैं, प्रोफेशनल आर्टिस्ट होने के बावजूद मैं सीता की भूमिका को पूरी श्रद्धा से करती हूं, लेकिन जब मुझसे बड़ी उम्र की महिलाएं मेरे पैर छूती हैं तो थोड़ा अजीब लगता है।

सपना
जनक पुरी, सागर पुर

सपना की उम्र 24 साल है। वह पिछले कई सालों से मॉडलिंग, छोटे परदे के सीरियल और अलबम आदि में काम कर रही हैं। सपना की उम्र जब 17 साल थी, तब उन्हें पहली बार रामलीला में सीता की भूमिका निभाने का अवसर मिला था। उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ सीता की भूमिका को निभाया। दर्शकों को यह भूमिका इतनी अधिक पसंद आई कि वह पिछले कई सालों से इस भूमिका को निभा रही हैं। सपना कहती हैं, मैंने चार साल शालीमार बाग और दो साल मॉडल टाउन की रामलीला में सीता की भूमिका निभाई है। अब मैं जनकपुरी, सागर पुर की रामलीला में सीता की भूमिका में हूं। जाहिर है यह किसी भी अभिनेत्री द्वारा निभाया गया सबसे महत्त्वपूर्ण किरदार है। इसलिए भी क्योंकि रामायण एक ऐसा पौराणिक ग्रंथ है, जिसमें अधिकांश लोगों की आस्था होती है। ऐसे में सीता की भूमिका निभाना वाकई बहुत ज्यादा खुशी देता है। सपना के सपने सचमुच बड़े हैं। वह बॉलीवुड और छोटे परदे पर अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। वह नहीं चाहतीं कि दर्शक उन्हें केवल सीता की भूमिका तक की सीमित रखें। वह अलग-अलग तरह की भूमिकाएं करना चाहती हैं। सपना कहती हैं, इस भूमिका को निभाने से जीवन में कोई खास बदलाव नहीं आता, सिवाय इसके कि आप इन दिनों लोगों की आस्था का केंद्र बने रहते हैं। रामलीलाएं खत्म होती हैं और जीवन फिर उसी तरह अपनी सामान्य गति से चलने लगता है।

रेनुका आनन्द
अशोक विहार, फेज-1

अशोक विहार रामलीला कमेटी, फेज-1 की मत्य रामलीला में सीता का रोल निभा रही रेनुका आनन्द बताती हैं, ‘रामलीला के अलावा बाकी दिनों में मैं वर्किग वुमन हूं। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट के ऑफिस में मैनेजर के पद पर काम कर रही हूं।’

रेनुका आनन्द की उम्र है 23 साल और करीब 5 साल पहले विवाह हुआ है। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में रहती हैं। वह कहती हैं, ‘मैं 2004 से अशोक विहार फेज-1 की रामलीला में सीता बन रही हूं। सीता बनने से पहले मुझे एक्टिंग का कोई अनुभव नहीं था। संयोग ही है कि इस रामलीला को बीते 26 सालों से डायरेक्ट कर रहे श्री सोमनाथ पंवार मेरे पिता के मित्र हैं और उन्होंने ही मुझसे सीता बनने की पेशकश की, जिसे मैंने स्वीकार कर लिया।’

वह कहती हैं, ‘सीताजी की महान महिमा के मद्देनजर इन दिनों एकदम साधारण जीवनशैली व्यतीत करती हूं। साथ-साथ बगैर मसालों के सादा भोजन ही खाती हूं।’ रेनुका बताती हैं, ‘साल-दर-साल अभिनय करते-करते अब रामलीला से पहले मुझे रिहर्सल करने की खास जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि भूमि- पूजन के साथ ही रिहर्सलों का क्रम शुरू हो जाता है। और हां, मंच पर मेरे समेत सभी पात्र अपने-अपने संवाद बोलते हैं, रिकॉर्डिग का इस्तेमाल नहीं किया जाता।’

आस्था कौशिक
अशोक विहार-फेज-2

अशोक विहार फेज-2 की आदर्श रामलीला कमेटी की रामलीला में सीता बनी हैं आस्था कौशिक। वह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर रही हैं। हैं अविवाहित हैं और पीतमपुरा में रहती हैं।

आस्था कौशिक पहली दफा सीता बनी हैं। इससे पहले वह एक्स्ट्रा का रोल निभा चुकी हैं। मंडी हाउस में ड्रामा में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती हैं। उनकी  मां कमला कौशिक भी रामलीला के मंच पर अभिनय करती हैं। वह पेशे से सत्यवती कॉलेज में लेक्चरर हैं।

ज्योत्सना सिंह
मॉडल टाउन-स्टॉप 2

मॉडल टाउन सेकेंड स्टॉप की श्री रामलीला कमेटी में पिछले दो सालों से सीता की भूमिका अदा कर रही हैं ज्योत्सना सिंह। उम्र है 27 साल। पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित अपने घर से, लीला के दौरान कार ड्राइव कर मॉडल टाउन सीता बनने पहुंचती हैं।

27 वर्षीया ज्योत्सना सिंह बताती हैं, ‘मैं फुल टाइम थियेटर आर्टिस्ट हूं। ज्यादातर दूरदर्शन में अभिनय के असाइनमेंट्स करती रहती हूं।’ आगे कहती हैं, ‘रामलीला से मैं बीते तीन सालों से ही जुड़ी हूं। सीता बनते हुए यह मेरा दूसरा साल है। ज्योत्सना कहती हैं, ‘मैं सुबह नियमित  पूजा-अर्चना कर, वैष्णो माता का भोग लगाकर ही नाश्ता करती हूं। भगवान पर पूरी आस्था है।’

कल्पना यादव
मॉडल टाउन-स्टॉप 3

उधर मॉडल टाउन थर्ड स्टॉप की मॉडल टाउन धार्मिक रामलीला कमेटी की सीता हैं कल्पना यादव। वह पिछले 5 सालों से लगातार यहीं सीता बनती आ रही हैं। बताती हैं, ‘मैं मुरादाबाद में रहती हूं और वहीं की रामलीला मंडली-श्रीराम कीर्ति कला मंच-के साथ दिल्ली आई हूं।’ आगे बोलीं, ‘मुरादाबाद में मेरा अपना ब्यूटी पार्लर है। वहीं खुद ब्यूटीशियन हूं। साथ-साथ एमए फाइनल भी कर रही हूं।’

23 वर्षीया कल्पना अविवाहित -शुद्ध शाकाहारी हैं। उन्होंने बताया, ‘एक्टिंग करना मेरा शौक है। लेकिन फिलहाल रामलीला में ही अभिनय करती हूं। सीता का रोल निभा कर मुझे असीम आनन्द मिलता है।’

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