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समय फिटनेस एक्सपर्ट का है

कुछ वर्ष पहले तक पश्चिम की तुलना में भारतीय फिटनेस के बारे में ज्यादा जागरूक नहीं थे, लेकिन धीरे-धीरे लोगों के एटीटय़ूड में बदलाव आया है। अधिक लोग जिम ज्वॉइन कर रहे हैं और पर्सनल फिटनेस ट्रेनर की मदद ले रहे हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक फिटनेस संबंधी कोर्स कर अच्छे करियर का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। 

फिटनेस ट्रेनर
फिटनेस ट्रेनर ऐसे प्रशिक्षित प्रोफेशनल होते हैं, जो एनाटोमी एंड एक्सरसाइज फीजियो-लॉजी, बॉयोमैकेनिक्स, स्ट्रैंथ ट्रेनिंग वगैरह के फॉर्मल और प्रैक्टिकल एजूकेशन में स्पेशलाइज होते हैं। गोल्ड्स जिम इंडिया की मैनेजर-ट्रेनिंग एंड स्पोर्टर्स न्यूट्रीशन मुनीरा करती हैं, ‘फिटनेस ट्रेनरों को तमाम तरह की बीमारियों से मानव शरीर और मस्तिष्क को बचाने की ट्रेनिंग दी जाती है। वे कहती हैं, इस समय सिर्फ करीब 0. 06 प्रतिशत भारतीय जनसंख्या एक्सरसाइज कर रही है।’

इस इंडस्ट्री में आए बूम के संबंध में वीएलसीसी की संस्थापक वंदना लूथरा कहती हैं, ‘भारतीय धीरे-धीरे फिटनेस को महत्व दे रहे हैं। टीवी और मीडिया एक्सपोजर की वजह से फिटनेस ट्रेनरों की मांग बढ़ गई है। योग में भी लोगों का रुझान पहले से ज्यादा बढ़ा है।’ जहां तक स्किल्स की बात है फिटनेस ट्रेनर को एनाटोमी, एक्सरसाइज फीजियोलॉजी, बॉयोमैकेनिक्स, एक्सरसाइज तकनीक और न्यूट्रीशन की ट्रेनिंग लेनी चाहिए।

सर्टिफिकेशन के अतिरिक्त उसके पास अच्छी कम्युनिकेशन स्किल होनी चाहिए। दूसरे, इस इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों से खुद को अपडेट रखें। अनिल अंबानी, करीना कपूर, सैफ अली खान जैसी सेलिब्रिटीज की काया को शेप देने वाली फिटनेस ट्रेनर ऋजुता दिवाकर कहती हैं, ‘एक अच्छे फिटनेस ट्रेनर को अपनी स्किल्स को शार्प करने के लिए रोज समय देना चाहिए। लेटेस्ट रिसर्च व ट्रेंड की जानकारी रखनी चाहिए।’

कोर्स
इस इंडस्ट्री में एंटरप्रेन्योरशिप की काफी संभावनाएं हैं। इसमें चाहे आप पैसा लगाएं या फिर वेंचर कैपिटलिस्ट को ढूंढ़ लें। इस प्रोफेशन को सीखने के इच्छुक लोग नाइक एरोबिक्स कोर्स, रीबॉक इन्सट्रक्टर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम और अन्य कोई अन्य प़ॉपुलर कोर्स कर सकता है। बेसिक कोर्स 80 घंटे का होता है, जिसमें लगभग 30 घंटे की थ्योरी होती है, बाकी का प्रैक्टिकल होता है।

इसके बाद आप रिबॉक सर्टिफाइड फिटनेस इंस्ट्रुक्टर बन सकते हैं। रिबॉक इंस्ट्रुक्टर एलाइंस प्रोग्राम ढाई महीने या 80 घंटे का होता है। दूसरे, गोल्ड्स जिम यूनिवर्सिटी फिटनेस मैनेजमेंट, पर्सनल ट्रेनिंग और ग्रुप एक्सरसाइजेज में सर्टिफिकेशन ऑफर करती है। अष्टांग योग रिसर्च इंस्टीट्यूट, चेन्नई,तलवलकर एकैडमी, मुबंई व कई अन्य संस्थान भी इससे संबंधी कोर्सेज का संचालन करते हैं।  

फिटनेस ट्रेनर के तौर पर शुरू में 10-20 हजार रुपये कमा सकते हैं। पहचान बनने पर कमाई की कोई सीमा नहीं है।

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