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आत्मविश्वास से लबरेज़ भारत का सामना अब इंग्लैंड से

आत्मविश्वास से लबरेज़ भारत का सामना अब इंग्लैंड से

पाकिस्तान पर धमाकेदार जीत के बाद ज़बर्दस्त आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय पुरूष हॉकी टीम का सामना राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में मंगलवार को विश्व रैंकिंग में चौथे नंबर पर काबिज़ इंग्लैंड से होगा और मुख्य कोच जोस ब्रासा को यकीन है कि दर्शकों का समर्थन यूं ही मिलता रहा तो मेज़बान टीम फाइनल तक ज़रूर पहुंचेगी।
     
पूल ए में करो या मरो के आखिरी लीग मुकाबले में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-4 से पीटने के बाद राजपाल सिंह की टीम एक नये जोश से सराबोर है और उसे अब पदक से कम पर संतोष नहीं होगा। दूसरी ओर पूल चरण में अपराजेय इंग्लैंड विश्व रैंकिंग में उससे पांच पायदान आगे है लेकिन भारत को उसकी धरती पर हराना कोच जॉसन ली की टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगा। इसमें जीतने पर फाइनल में उसकी टक्कर ऑस्ट्रेलिया से हो सकती है जो दूसरे सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड से भिड़ेगा।
    
लीग चरण में मलेशिया (3-2), स्कॉटलैंड (4-0) और पाकिस्तान (7-4) को हराने वाली भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया (2-5) से हारी है जबकि इंग्लैंड ने त्रिनिदाद और टोबैगो को (4-0) और न्यूजीलैंड को (5-3) से हराया। वहीं कनाडा जैसी कमोबेश कमजोर टीम ने उसे 1-1 से ड्रा पर रोका। आखिरी लीग मैच में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 2-1 से मात दी।

भारतीय कोच ब्रासा ने रविवार को जीत के बाद कहा कि दर्शकों से मिल रहा सहयोग अभूतपूर्व है और हम चाहेंगे कि उन्हें खुश होने के और मौके दें। इंग्लैंड से कठिन चुनौती मिलेगी लेकिन हम उसके लिए तैयार हैं। यदि टीम इसी तरह खेलती रही तो फाइनल तक पहुंचना मुश्किल नहीं होगा।
     
वहीं कप्तान राजपाल सिंह ने जीत के खुमार से निकलकर सेमीफाइनल पर ध्यान केंद्रित करने की ताकीद करते हुए कहा कि जीत के इस जश्न को यहीं छोड़कर अब हमें सेमीफाइनल पर ध्यान देना है। हमारा मकसद पाकिस्तान को हराना नहीं बल्कि पदक जीतना है।
      
पाकिस्तान के खिलाफ जीत में भारतीय टीम एक ईकाई के रूप में अच्छा खेली लेकिन पेनल्टी कॉर्नर पर अभी भी मेहनत करनी होगी। भारत ने 11 में से सिर्फ दो पेनल्टी कार्नर तब्दील किए जो चिंता का सबब है। ब्रासा ने कहा कि पेनल्टी कॉर्नर पर और मेहनत करनी होगी। इसके अलावा हमने 4-0 से बढ़त बनाने के बाद पाकिस्तान को गोल करने के मौके दिए। खिलाड़ियों को बढ़त कायम करने के बाद जज्बात पर काबू रखते हुए खेलना होगा।
     
भारत के लिए राहत की बात ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह का शानदार फॉर्म है जिसने दो शुरूआती गोल करने के अलावा तीसरे गोल में सूत्रधार की भूमिका निभाई। उसके अलावा फॉरवर्ड पंक्ति में अनुभवी शिवेंद्र, तुषार खांडेकर, दानिश मुज्तबा और धरमवीर सिंह भी बेहतरीन फॉर्म में दिखे। शुरूआती दो मैचों में छितर बितर नज़र आया भारतीय डिफेंस भी कल संभला हुआ देखा।

दूसरी ओर विश्व रैंकिंग में चौथे नंबर पर काबिज़ इंग्लैंड ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है हालांकि उसे अपेक्षाकत आसान पूल मिला था। कप्तान बैरी मिडिलटन अच्छे फॉर्म में हैं। वहीं अनुभवी स्ट्राइकर साइमन मेंटल चोट से उबरने के बाद अच्छा खेल रहे हैं और तीनों पूल मैचों में टीम के प्रदर्शन में उनकी अहम भूमिका रही। रिचर्ड मेंटल, राब मूरे और जेम्स टिंडेल को रोकना भारतीय खिलाड़ियों के लिए कड़ी चुनौती होगा।
     
पाकिस्तान पर मिली जीत के बाद दर्शकों में भी सेमीफाइनल को लेकर काफी उत्साह है। इस मैच के लिए भी टिकटों की मांग ज़ोर पकड़ने लगी है और रविवार को ध्यानचंद स्टेडियम एक बार फिर खचाखच भरा रहने की उम्मीद है।
     
राष्ट्रमंडल खेलों में 1998 में हॉकी शामिल किए जाने के बाद से भारत ने एक भी पदक नहीं जीता है। वह कुआलालम्पुर में 1998 में चौथे स्थान पर रहा जबकि मैनचेस्टर में 2002 में हुए खेलों में उसने हिस्सा नहीं लिया। मेलबर्न में भारतीय टीम पांचवें स्थान पर रही थी। पाकिस्तानी टीम पांचवे छठे स्थान के लिए मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका से खेलेगी जबकि मलेशिया और कनाडा सातवें आठवें स्थान के लिए खेलेंगे। स्कॉटलैंड और त्रिनिदाद एवं टोबैगो नौवें दसवें स्थान के लिए खेलेंगे।

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