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दीपिका और राहुल के नाम रही तीरंदाजी

दीपिका और राहुल के नाम रही तीरंदाजी

19वें राष्ट्रमंडल खेलों की तीरंदाजी प्रतियोगिता भारत के रिकर्व तीरंदाजों दीपिका कुमारी और राहुल बनर्जी के स्वर्णिम प्रदर्शन के लिए याद रखी जाएगी। इन दोनों तीरंदाजों ने न सिर्फ व्यक्तिगत स्पर्धा के स्वर्ण जीते बल्कि दीपिका ने महिला रिकर्व टीम को भी स्वर्ण दिलाया वहीं पुरूष रिकर्व टीम ने प्रतियोगिता का कांस्य जीता था।
 
राष्ट्रमंडल खेलों में 28 साल के अंतराल के बाद तीरंदाजी को शामिल किया गया था और मेजबानी के बावजूद भारत का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा और उसे दांव पर लगे आठ में से केवल तीन स्वर्ण हाथ लग सके। फिर भी इन तीन स्वर्ण के साथ उसे एक रजत और चार कांस्य मिलाकर कुल आठ पदक हासिल हुए।
 
यमुना खेल परिसर में संपन्न प्रतियोगिता में सोलह वर्षीय दीपिका ने व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम कर भारत को सबसे बड़ी सफलता दिलाई वहीं राहुल ने इसी स्पर्धा के पुरूष वर्ग में सोना जीता जो मौजूदा खेलों में पुरूष तीरंदाजी का इकलौता स्वर्ण पदक है।
 
शेष दो स्वर्ण और दो कांस्य महिलाओं के नाम रहे। व्यक्गित स्पर्धाओं में रिकर्व तीरंदाज डोला बनर्जी और जयंत तालुकदार ने क्रमश महिला और पुरूष वर्ग के कांसे जीते जबकि पुरूष कंपाउंड टीम को रजत मिला। कंपांउड की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारत को केवल निराशा हाथ लगी।

तीरंदाजी स्पर्धाओं के अंतिम दिन रविवार को दीपिका और राहुल ने व्यक्तिगत स्वर्ण जीतकर देशवासियों में खुशी की लहर दौड़ा दी। प्रतियोगिता शुरू होने के पहले देशवासियों ने तीरंदाजों से असीम उम्मीदें बांध रखी थीं। शुरूआती असफलताओं ने प्रशंसकों को कुछ निराश ज़रूर किया था लेकिन दीपिका, राहुल ने 'अंत भला तो सब भला' की तर्ज पर इन खेलों में अपने अभियान का समापन किया। भारत को मिले तीरंदाजी के कुल आठ में से चार पदक तो प्रतियोगिता के आखिरी दिन ही झोली में आए। इनमें डोला और जयंत के कांस्य भी शामिल हैं।
 
दीपिका ने स्वर्ण पदक मुकाबले में इंग्लैंड की जेन विलियम्सन को पराजित किया। दीपिका ने तीन सेट में कुल 85 अंक बनाए जबकि इतने ही सेट में विलियम्सन को 75 अंक हासिल हो सके। राहुल ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में कनाडा के लियोन जॉनसन को शूट ऑफ में 9.8 के नज़दीकी अंतर से हराकर स्वर्णिम उपलब्धि हासिल की। पांच सेट के स्वर्ण मुकाबले में दोनों तीरंदाजों का स्कोर 137-137 अंक से बराबर रहने के बाद मुकाबला शूट ऑफ में खिंच गया जहां राहुल आगे निकल गए।
 
इससे पहले दीपिका, डोला और बोम्बालया देवी की टीम ने गुरूवार को रिकर्व टीम स्पर्धा का स्वर्ण जीता था जबकि राहुल, जयंत और तरूणदीप राय की पुरूष रिकर्व टीम को कांस्य मिला था। महिला रिकर्व टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को बेहद करीबी मुकाबले में मात्र एक अंक से हराकर तीरंदाजी प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण पदक देश की झोली में डाला था।

पुरुष रिकर्व टीम से सभी को स्वर्ण पदक की उम्मीद थी लेकिन टीम ने खासा निराश किया और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से 211-216 से हार गई। हालांकि टीम ने इंग्लैंड की टीम को 221-218 से हराकर कांस्य पदक जीत लिया। भारत के रितुल चटर्जी, जिगनस चिट्टीबोमा और चिन्ना राजू श्रीधर की पुरुष कंपाउंड टीम ने गुरूवार को रजत पदक जीता लिया जबकि इसी स्पर्धा के महिला वर्ग में गगनदीप कौर, झानू हंसदा और भाग्यवती चानू की तिकड़ी को कांस्य पदक मिला।
 
पुरूष टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 226-224 से हराकर फाइनल में जगह बनाई लेकिन वहां उसे इंग्लैंड के हाथों 229-231 से हारकर रजत से ही संतोष करना पड़ा। महिलाओं के कंपाउंड टीम मुकाबले के तीसरे स्थान के लिए प्ले ऑफ की तिकड़ी ने मलेशिया की टीम को 223-219 से हराया।
 
व्यक्तिगत कंपाउंड निशानेबाजों के पदकों की होड़ में एक भी भारतीय निशानेबाज को शामिल होने मे सफलता नहीं मिली। महिला स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज झानू हंसदा, भाग्यवती चानू और गगनदीप कौर एलिमिनेशन राउंड में ही बाहर हो गईं। वहीं पुरुष स्पर्धाओं में भी रितुल, चिट्टिबोमा और श्रीधर क्वालीफाइंग राउंड में ही बाहर हो गए।

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