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मेरे आदर्श सचिन तेंदुलकर हैं : विजय

मेरे आदर्श सचिन तेंदुलकर हैं : विजय

राष्ट्रमंडल खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता में भारत को तीन स्वर्ण और एक रजत पदक दिलाने वाले पिस्टल निशानेबाज विजय कुमार के आदर्श कोई निशानेबाज नहीं बल्कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर हैं।
 
राष्ट्रमंडल खेलों में 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा के टीम और व्यक्गित मुकाबले में नए गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण तथा 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल टीम स्पर्धा में स्वर्ण और व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले विजय ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैंने मेलबोर्न में भी शानदार प्रदर्शन किया था और व्यक्तिगत तथा टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीते थे। मेरा विश्व स्तर पर भी काफी अच्छा प्रदर्शन रहा है लेकिन मीडिया ने मुझ पर कभी ज्यादा ध्यान नहीं दिया। मीडिया का आम तौर पर अभिनव बिंद्रा और गगन नारंग जैसे स्टार निशानेबाजों पर ही ध्यान रहता है।
 
यह पूछने पर कि हर खिलाड़ी का एक आदर्श होता है वह किस निशानेबाज़ को अपना आदर्श मानते है तो सेना के विजय ने कहा कि निशानेबाजी में मेरा ऐसा कोई आदर्श नहीं है। नारंग और बिंद्रा काफी अच्छे निशानेबाज हैं और मैं उनसे सलाह मशविरा करता रहता हूं लेकिन जहां तक आदर्श की बात है तो कई खिलाड़ियों की तरह मेरे आदर्श भी सचिन तेंदुलकर ही हैं।
 
हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर जिले के हरसौर गांव के विजय ने कहा कि इन खेलों के लिए मेरी तैयारी काफी अच्छी रही थी और मुझे खुशी है कि मैंने निशानेबाजी में देश को तीन स्वर्ण और एक रजत पदक दिलाया।

विजय ने राष्ट्रमंडल खेलों में ओलंपिक रजत विजेता राज्यवर्धन राठौर को शामिल नहीं किए जाने के बारे में कहा कि बेशक इन खेलों में राठौर की कमी खली है लेकिन हमारी शूटिंग फेडरेशन के अपने नियम हैं और सभी को इन नियमों के अनुसार चलना पड़ता है। राठौर के प्रदर्शन में गिरावट चल रही थी और वह चयन ट्रायल से क्वालीफाई नहीं कर पाए थे। उन्होंने कहा कि चयन ट्रायल में क्वालीफाई करना सभी निशानेबाजों के लिए ज़रूरी है और मुझे भी इस दौर से गुज़रना पड़ा था।
 
सेना के साथ 2001 में जुड़ने वाले विजय ने कहा कि आज कल ज्यादातर निशानेबाज सेना से हैं और देश के कामयाबी हासिल कर रहे है। सिविलियन में भी जिनके पास संसाधन और एप्रोच है वे भी अपनी व्यवस्था कर लेते हैं। राठौर ने एथेंस ओलंपिक में रजत जीता और वह सेना से हैं जबकि बीजिंग में स्वर्ण जीतने वाले बिंद्रा सिविलियन हैं।
 
विजय ने दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन को मेलबर्न से भी शानदार बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ता है। अपने आगामी कार्यक्रम के लिए विजय ने कहा कि मैं अब कुछ ब्रेक लेकर अपने परिवार के साथ समय गुजारूंगा। उसके बाद नवंबर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए अपने रूसी कोच के साथ ट्रेनिंग करूंगा। विजय ने बताया कि उनकी हिमाचल के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से बातचीत हुई थी और मुख्यमंत्री ने उन्हें उनकी कामयाबी के लिए बधाई दी थी।

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