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ओलंपिक में गोल्ड के लिए स्थाई विदेशी कोच संभव

राष्ट्रमंडल खेलों में दोहरा स्वर्ण जीत कर सनसनी मचा देने वाली नन्ही तीरंदाज दीपिका कुमारी के गृह राज्य झारखंड के तीरंदाजी संघ ने रविवार को कहा कि अब राज्य के प्रतिभावान तीरंदाजों के ओलंपिक स्वर्ण जीतने का सपना पूरा करने के लिए स्थाई तौर पर विदेशी कोच की नियुक्ति की जा सकती है।

लगभग 16 वर्ष की दीपिका और झारखंड के एक अन्य तीरंदाज राहुल बनर्जी के रविवार को व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण जीतने के बाद संघ के अध्यक्ष और टाटा स्टील के उपाध्यक्ष कॉरपोरेट सेवाएं संजीव पॉल ने कहा कि इसका श्रेय वह खिलाड़ियों को ही देते हुए सभी पदक विजेताओं को मुबारकबाद देते हैं। अब वह लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का सपना पूरा करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि संघ पहले से ही विदेशी कोच के रूप में कोरियाई प्रशिक्षक लिम चाइ वांग की सेवाएं ले रहा है और अगर जरूरी हुआ तो ओलंपिक की तैयारी के लिए स्थाई विदेशी कोच रखा जा सकता है। पॉल ने झारखंड सरकार द्वारा दीपिका को दस लाख रुपए का पुरस्कार दिए जाने की भी सराहना की और कहा कि टाटा स्टील भी पदक विजेताओं को पुरस्कृत करेगी।

ज्ञातव्य है कि दीपिका और राहुल के अलावा राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाली झानू हांसदा, डोला बनर्जी, जयंत तालुकदार, भाग्यवती चानू समेत देश के कई शीर्ष तीरंदाज झारखंड तीरंदाजी संघ तथा इसके तहत आने वाले टाटा आर्चरी अकादमी से जुड़े रहे हैं।

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  • Web Title:ओलंपिक में गोल्ड के लिए स्थाई विदेशी कोच संभव