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राज्यपाल का हस्तक्षेप, स्पीकर ने आदेश सुरक्षित रखा

राज्यपाल का हस्तक्षेप, स्पीकर ने आदेश सुरक्षित रखा

कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को विश्वास मत हासिल करने की जद्दोजहद कर रहे मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की मुश्किलें आज उस समय और बढ़ गईं जब राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने विधानसभा अध्यक्ष के जी बोपैया को छह अक्टूबर की स्थति बनाये रखने का निर्देश दिया, जिस पर बोपैया ने बागी सदस्यों को अयोग्य ठहराने से संबंधित याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रखा।

दूसरी ओर, जद एस नेता एच डी कुमारस्वामी 11 बागी विधायकों के पक्ष में अपनी पूरी ताकत लगाए हुए हैं। वहीं असंतुष्ट विधायकों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर नहीं झुकेंगे। इस मामले में सत्तारूढ़ भाजपा ने राज्यपाल पर पक्षपात का आरोप लगाया है।

संकट से जूझ रहे मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को पहले ही कुमारस्वामी की ओर से काफी परेशानी पेश आ रही थी और अब विधानसभा अध्यक्ष बोपैया को राज्यपाल के निर्देश से उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई है। राज्यपाल हंसराज भारद्वाज के निर्देश पर विधानसभा अध्यक्ष के जी बोपैया ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इन सदस्यों को दलबदल कानून के तहत अयोग्य ठहराने की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा। इससे पहले उन्होंने दोनों पक्षों की बातों को करीब तीन घंटे तक सुना।

उधर, राजभवन में उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में राज्यपाल ने कहा कि 224 सदस्यीय विधानसभा में छह अक्टूबर की स्थिति को बनाए रखना चाहिए। यह एक ऐसा निर्देश है जो किसी भी विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मनाही करता है।

राज्यपाल के निर्देश पर आपत्ति व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष बोपैया ने उन्हें पत्र लिखा है। पत्र में बोपैया ने कहा कि मुझे आपके पत्र की भाषा और बातों से आश्चर्य हुआ है। यह संवैधानिक प्राधिकार के रूप में मेरे काम में गंभीर हस्तक्षेप है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को दोनों पक्षों के बीच तटस्थ रूख अपनाना चाहिए।

राज्य में विश्वास मत पर संख्याबल के खेल के गंभीर होने के बीच विधानसभा सीटों की संख्या के अनुरूप अगर 11 बागी भाजपा विधायक और पांच निर्दलीय विधायक अपने रुख पर कायम रहते हैं तो सत्तारूढ़ पार्टी के पास बहुमत के जादुई आंकड़े 113 से छह सदस्य कम रहेंगे। भारद्वाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर इस निर्देश का कोई उल्लंघन होता है तो उनका निर्णय अंतिम होगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बहुमत हासिल करने से संबंधित विश्वास मत पर कल सभी प्रक्रिया उनके निर्देश के अनुरूप कानून के तहत होगी और सभी विधायकों को इसमें शामिल होने का अधिकार होगा। राज्यपाल की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को इस प्रकार के निर्देश से भाजपा की 11 बागी विधायकों को सदस्यता के अयोग्य ठहराने के संबंध में अपने मनमाफिक आदेश प्राप्त करने की उम्मीदों को धक्का लगा है।

उधर, कर्नाटक की भाजपा सरकार को गिराने की ठान चुके जदएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी और कांग्रेस कल अहम विश्वास मत के दौरान इस सरकार को गिराने के लिए मिलकर काम करेंगे। भाजपा के असंतुष्ट विधायकों के साथ बातचीत के लिए यहां आए कुमारस्वामी ने चेन्नई में कहा कि जदएस और कांग्रेस दोनों विपक्ष में हैं। हम भाजपा को पराजित करने के लिए एक साथ हैं। संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ भाजपा के असंतुष्ट विधायक भी थे।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कल विधानसभा में विश्वास मत जीतने के लिए भाजपा सरकारी मशीनरी और अध्यक्ष के पद का दुरूपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने निर्दलीय विधायकों को अयोग्य (सदन की सदस्यता से) ठहराने की चेतावनी दी है जो भारत में अपनी तरह की पहली घटना होगी।

असंतुष्ट भाजपा एवं निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने के बाद संकट से घिरे कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा कल प्रदेश विधानसभा में विश्वास मत के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं पिछले 29 महीने की अवधि में उनके लिए शक्ति परीक्षण का दूसरा मौका है।

येदियुरप्पा को इससे पहले छह जून 2008 को तत्कालीन राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर के निर्देशों के तहत दक्षिण भारत में पहली भाजपा सरकार के लिए बहुमत साबित करना पड़ा था। जद एस नेता कुमारस्वामी चेन्नई के एक होटल में भाजपा के असंतुष्ट विधायकों के साथ डेरा डाले हुए हैं। भाजपा के असंतुष्ट खेमे की अगुवाई प्रदेश के बर्खास्त मंत्री बालचंद्र जारकिहोली और आनंद असनोतिकर कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वे किसी भी कीमत पर नहीं झुकेंगे और उन्होंने कल येदियुरप्पा द्वारा रखे जाने वाले विश्वास मत में सरकार को हराने का संकल्प लिया।

फिलहाल, येदियुरप्पा संख्या के लिहाज से खतरे में लगते हैं और सत्तारूढ़ पक्ष अब 11 बागी विधायकों को अयोग्य करार देने की अपनी याचिका पर निर्णय लेने के लिए विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैया पर आश्रित है। इसकी संभावना भी राज्यपाल के निर्देश के बाद क्षीण हो गई है।

कर्नाटक के बर्खास्त मत्स्य पालन मंत्री आनंद असनोतिकर ने दावा किया कि सभी असंतुष्ट विधायक संगठित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने येदियुरप्पा के खिलाफ बगावत का झंडा उठाया तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने हम पर हमला किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता गुंडागर्दी कर रहे हैं। मुंबई में सैकड़ों वाहनों ने हम पर हमला किया। इसी तरह कोच्चि और गोवा में हुआ। हम किसी के प्रति बाध्य नहीं हैं। हम कर्नाटक के लिए संगठित हैं।

असंतुष्टों को मनाने के भाजपा के प्रयास कल नाकाम होते दिखे। भाजपा का आरोप है कि उसके 12 विधायकों को कुमारस्वामी, स्थानीय कांग्रेस नेता और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी गोवा के एक होटल से बलपूर्वक अज्ञात स्थान पर ले गए। कर्नाटक विधानसभा में कल होने वाले विश्वास मत से पहले सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष एक दूसरे पर किसी भी कीमत पर सत्ता हथियाने के लिए जादूटोना करने का आरोप लगा रहे हैं।

भाजपा ने विपक्षी जद एस पर सत्ता पाने के लिए काला जादू करने का आरोप लगाया है वहीं जद एस ने भी सत्तारूढ़ दल पर सत्ता में बने रहने के लिए तंत्र मंत्र का सहारा लेने का आरोप लगाया है। विधानसभा सचिवालय के पास आज हल्दी का पानी बिखरा हुआ देखा गया जिसके बाद इन आरोपों को बल मिला।

इससे पहले नगर निगम के वन्य अधिकारियों ने कल भाजपा कार्यालय के पास दो लोगों को गिरफ्तार किया जिनके पास सियार की खाल, पूंछ और कुछ हडि्डयां मिलीं जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर जादू टोने के लिए होता है। इस बात की जांच चल रही है कि वे वहां क्या कर रहे थे और उनके पास यह सामग्री क्यों थी।

कहा जा रहा है कि एक ज्योतिषि के कहने पर विधान सौध के मुख्य प्रवेश द्वार पर बुरी शक्तियों को बाहर रखने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए बंद किए गए हैं। हालांकि पुलिस ने दावा किया है कि यह कदम कड़ी सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

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