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भाजपा:प्रदेश अध्यक्ष इस्तीफा प्रकरण सुलह-शांति के करीब

30 घंटे की गहमागहमी के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष इस्तीफा प्रकरण शांति-सुलह के करीब पहुंच गया। चुनाव के मौके पर भाजपा में शुरू हुआ यह विवाद शनिवार को पटना से निकलकर वाया दिल्ली नागपुर पहुंच गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के बुलावे पर डा.सी.पी.ठाकुर दोपहर दिल्ली रवाना हुए। वहां से वह बिहार के सह प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान के साथ नागपुर जाकर गडकरी से मिलेंगे। रवानगी से पूर्व भी डा.साहब ने अपने इस्तीफे के कारणों को तो जायज बताया, लेकिन कार्यकर्ताओं से चुनाव कार्य में लग जाने को कहा ताकि विरोधी दल के लोग इसका राजनीतिक लाभ न ले लें। इसी बीच पार्टी ने बछवाड़ा से प्रत्याशी बदलते हुए सांसद भोला सिंह की बहू वंदना सिंह को प्रत्याशी बनाने का निर्णय लिया है।
दीघा सीट जदयू को दिए जाने और बेटे को बांकीपुर से टिकट न मिलने से नाराज डा.ठाकुर ने शुक्रवार सुबह प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे भाजपा में भूचाल मच गया था। रात तक भाजपा सहित जदयू नेता उन्हें मनाते रहे, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं दिखे। गडकरी और जेटली ने भी उनसे संपर्क किया और बातचीत के लिए दिल्ली बुला लिया। डा.ठाकुर तो शनिवार को कुछ नरम दिखे, लेकिन कार्यकर्ताओं का आक्रोश बरकरार रहा। कार्यकर्ता सुशील कुमार मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। डा.साहब ने कहा कि भाजपा में अध्यक्षीय प्रणाली है, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया जाता रहा। यह पार्टी हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की बहाली के लिए केन्द्रीय नेतृत्व से बात करेंगे।
सूत्रों के अनुसार डा.ठाकुर को मनाने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व विक्रम सीट से प्रत्याशी बदलते हुए फिर अनिल कुमार को ही टिकट दे सकता है। वहीं, डा.साहब के पुत्र और युवा नेता विवेक ठाकुर को एमएलसी बनाने का पुख्ता आश्वासन मिल सकता है। बछवाड़ा से प्रत्याशी बदले जाने की प्रदेश प्रवक्ता संजय मयूख ने पुष्टि करते हुए कहा कि कुंदन सिंह को प्रत्याशी बनाया गया था, लेकिन उनके पिता लोजपा के टिकट पर बेगूसराय से चुनाव लड़ रहे थे।

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