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कश्मीर में अशांति से 50 हजार लोगों की नौकरी गई

कश्मीर में अशांति से 50 हजार लोगों की नौकरी गई

पिछले चार महीने से कश्मीर घाटी में जारी बंद और विरोध प्रदर्शनों के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान प्रदेश में निजी क्षेत्र की कम्पनियों ने करीब 50,000 कुशल और अकुशल कर्मचारियों की छंटनी की है।

श्रीनगर से प्रकाशित समाचार पत्र 'कश्मीर इमेज्स' के मुताबिक पिछले चार महीने से चल रहे बंद और कर्फ्यू के कारण कश्मीर घाटी की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है।

फेडरेशन चैंबर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज कश्मीर (एफसीआईके) के अनुमान के मुताबिक घाटी में कम्पनियों ने वेतन खर्च जुटाने में असमर्थ रहने के कारण करीब 50,000 कुशल और अकुशल कर्मचारियों को नौकरियों से हटाया है।

समाचार पत्र के मुताबिक एफसीआईके के उपाध्यक्ष अफाक कादरी ने कहा कि निजी क्षेत्र की कम्पनियों द्वारा वेतन खर्च नहीं जुटा पाने के कारण आगे अभी और लोगों को अपना रोजगार खोना पड़ सकता है।

कश्मीर में संगठित और असंगठित क्षेत्र की 16,000 औद्योगिक इकाइयां हैं जिनमें 1.6 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है।

एफसीआईके के उपाध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न स्थानों के करीब 10 से 15 प्रतिशत अकुशल कर्मचारी प्रदेश में असुरक्षा के चलते लौट चुके हैं। 11 जून के बाद से प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

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