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रांची-हचाारीबाग में बनेगा गिद्ध संरक्षण केंद्र

ेंद्र सरकार देश में गिद्ध संरक्षण को लेकर गंभीर है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने गिद्ध संरक्षण के लिए डायक्लोफेनेक (दवा) की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। झारखंड सरकार ने गत वर्ष इस दवा की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि इस दवा की बिक्री चोरी-छिपे जारी है। लेकिन इस दवा के उपयोग का प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ता है। देश में गिद्धों की संख्या कम होने का असर पर्यावरण संतुलन पर पड़ते देख केंद्र ने इनके संरक्षण पर जोर दिया है। देश में पहला गिद्ध संरक्षण केंद्र पिंजौर में खोला गया है। दूसरा केंद्र ओरमांझी के मूटा स्थित जंगली क्षेत्र में खोला जायेगा। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रोजेक्ट के बाद केंद्र के लिए 41 लाख की राशि भी स्वीकृत की गयी है। डीएफओ सिद्धार्थ त्रिपाठी ने बताया कि एक्ससीटू कांव्रेशन सेंटर मूटा में बनेगा, जहां गिद्धों को रखा जायेगा। प्रजनन के बाद उनकी संख्या में वृद्धि होगी। इनसीटू सेंटर हाारीबाग में खुलेगा। इनसीटू में जिस स्थान में वृक्ष पर गिद्धों का बसेरा होता है, उन्हें वहीं सुरक्षित रखने के उपाय किये जायेंगे।

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