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बीएड की शिक्षा पूरी करने की अनुमति देने का निर्देश

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लखनऊ विश्वविद्यालय के कुल सचिव व मेरठ कॉलेज के प्राचार्य को याचियों को बीएड शिक्षा पूरी करने व परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति शिशिर कुमार ने मनोरंजन कुमार पाण्डे व 14 अन्य छात्रों की याचिकाओं पर पारित किया है।


याचिका के अनुसार याचीगण मेरठ कॉलेज में बीएड की शिक्षा ले रहे हैं। विश्वविद्यालय के इन छात्रों का प्रवेश यह कहते हुए रद्द कर दिया कि उन्होंने नो ड्यूज प्रमाण-पत्र दाखिल नहीं किया है। इस आदेश को याचीगणों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचीगणों का कहना था कि उन्होंने बीएड प्रवेश परीक्षा दी थी एवं उनका चयन हो गया था। प्रवेश परीक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय ने कराई थी। इसके लिए उन्होंने काउंसिलिंग के समय 500 रुपए तथा 5000 रुपए अग्रिम प्रवेश शुल्क के लिए जमा किया था। उन्हें मेरठ कॉलेज आवंटित किया गया था। ऐसे में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुल सचिव द्वारा नो ड्यूज प्रमाण-पत्र न देने के आधार पर निरस्त किया जाना अवैध है। इस पर कोर्ट ने यह आदेश पारित किया।

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