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किसानों का जल्द होगा कल्याण

साल दर साल अकाल व सूखे से जूझ रहे किसानों की पीड़ा को लेकर सरकार गंभीर है। ऐसे में किसानों के कल्याण के लिए कृषि एवं गन्ना विकास विभाग कृषि नीति तैयार करने में जुटा है। विभाग ने इसके लिए बिरसा कृषि यूनिवर्सिटी समेत संबंधित विभागों के 67 अधिकारियों को कृषि नीति आलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है।

गौरतलब है कि राज्य स्थापना के 10 साल बाद भी किसानों के लिए सूबे में कृषि नीति नहीं होने से करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद किसान त्रस्त हैं। हालात यह है कि सूबे से किसान पलायन करने को मजबूर हैं।

सरकार ने बिरसा कृषि यूनिवर्सिटी, सहकारिता विभाग, कृषि बीमा निगम, परियोजना निदेशक, मुख्यमंत्री किसान खुशहाली योजना निदेशक, कृषि निदेशक  आदि को नीति तैयार करने के लिए संक्षित आलेख उपलब्ध कराने को कहा है।

नीति तैयार करने के लिए अलग-अलग विषय पर करीब 70 आलेख लिखे जाने की जिम्मेदारी विभिन्न अधिकारियों को सौपी गई है। इनमें कृषि नीति भूमिका, कृषि उद्योग, मानव संसाधान विकास, बीज प्रमाणन, कृषि शिक्षा, पानी प्रबंधन, प्रचार-प्रसार, निर्यात, कृषि भूमि विस्तार, विपणन व्यवस्था, मार्केटिंग बोर्ड, कृषि बीमा, युवाओं की भूमिका, शोध एवं विकास, कृषि आर्थिक क्षेत्र आदि विषय शामिल है।

अरूण कुमार सिंह, सचिव, कृषि विभाग ने कहा कि राज्य में कृषि व्यवस्था को गति देने, कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने व नवीनत तकनीक को अपना कर पैदावार बढ़ाने आदि विषयों को ध्यान में रखते हुए कृषि नीति बनाने की तैयारी है।

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