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हिरन, खरगोश के बीच बिताएं कुछ यादगार पल

हिरन, खरगोश के बीच बिताएं कुछ यादगार पल

हफ्ते भर के काम के बाद आपका मन कहता है थोड़ा-सा आराम हो जाए। सुकून के कुछ पल बिताने के लिए कोई ऐसी जगह मिल जाए, जहां पहुंच कर हफ्तेभर की भागमभाग और गाड़ियों की पों-पों से राहत महसूस कर सकें। आप पूरे परिवार के साथ ऐसा खास वक्त बिता सकते हैं डीयर पार्क में। एक रिपोर्ट।

हौज खास विलेज के पास लगभग 76 एकड़ क्षेत्र में फैला डीयर पार्क आसपास के लोगों के लिए तो पसंदीदा जगह है ही, छुट्टियों के दिन लोग दिल्ली के दूसरे कोने से भी यहां पिकनिक मनाने पहुंच जाते हैं। आखिर पार्क में सैकड़ों की संख्या में दौड़ते हिरन, मनमोहक खरगोश और तालाब में तैरती बत्तखें जो हैं। पार्क में आपके लिए एक दो नहीं, बल्कि चार-चार पिकनिक हट भी हैं, जगह-जगह बैठने की व्यवस्था भी और आपके बच्चों के लिए एक से बढ़ कर एक झूले भी, जिन पर बच्चे घंटों खेल सकते हैं।

अगर आप एक बार दिल्ली विकास प्राधिकरण के इस पार्क में पहुंच गए तो यह आपको बार-बार अपनी ओर खींचेगा। सातो दिन और सुबह 5 से शाम के 8 बजे तक बड़ों-बच्चों का मूड फ्रैश करने वाला यह पार्क दक्षिणी दिल्ली के कुछ लोकप्रिय पार्कों में से एक है। इसका नाम डीयर पार्क यूं ही नहीं है, बल्कि यहां सैकड़ों की संख्या में डीयर हैं। बच्चे-बड़े सभी उम्र के इनको चौकड़ी भरते देख रोमांच से भर जाएंगे। पार्क में स्थित पार्क बलूची रेस्तरां की ओर से हिरनों को देखने का आनन्द अधिक आएगा, क्योंकि यहां ऊंची-नीची जगहों से जालीदार चारदीवारी के अंदर बंद हिरनों को क्रीड़ा करते देखना मन को खूब भाता है।
पास में ही खरगोश का भी बसेरा है। यहां डीडीए के दफ्तर के पास ही आप दजर्नों खरगोश देख सकते हैं। छोटे बच्चे तो इन्हें छूने और इनके पास जाने के लिए मचलने लगते हैं। अगर आपको पानी के अंदर क्रीड़ा करती, डुबकियां लगाती बत्तखें पसंद आती हैं तो बत्तख तालाब में यह खास नजारा सहज ही दिख जाएगा। खाने-पीने का सामान लेकर पहुंचते हैं तो खासकर तालाब के पास हरे-भरे मैदान में चादर बिछा कर खा-पी सकते हैं। बच्चों के लिए तो यहां तरह-तरह के झूले हैं ही, बैडमिंटन खेलने के लिए तो आप भी मचल पड़ेंगे। ढेर सारे मोर-मोरनी भी आपका ध्यान अपनी ओर खींचे बगैर नहीं रहते।

यहां पहुंचना भी काफी आसान है। अब तो मेट्रो रेल भी जाने लगी है। राजीव चौक से गुड़गांव जाने वाली मेट्रो लाइन पर ग्रीन पार्क मेट्रो स्टेशन पहुंच सकते हैं। यहां से ऑटो रिक्शा वाले 15-20 रुपए में आपको इस पार्क में पहुंचा देंगे। ग्रीन पार्क से हौजखास गांव की तरफ लगभग डेढ़ किलोमीटर बढ़ने पर गांव शुरू होने से पहले ही यह पार्क दिख जाएगा। अपनी गाड़ी से जाना चाहते हैं तो पार्क के सामने ही पार्किंग की अच्छी व्यवस्था दिख जाएगी। समय मिले तो हौज खास गांव में घूम सकते हैं, जहां मनमोहक कला कृतियों के शो रूम के साथ-साथ एक से बढ़ कर एक डिजाइनर कपड़ों के शो रूम भी दिखेंगे। खाने-पीने की व्यवस्था तो है ही।

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