DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दो टूक (07 अक्टूबर, 2010)

गगन नारंग और सचिन तेंदुलकर। दोनों अलग खेलों के महारथी। पर इन दोनों खास लोगों में एक बात आम है-य़े आपको प्रेरित करते हैं कुछ कर गुजरने को।

कुछ ही दिन पहले लोग नारंग का कॅरियर खत्म हुआ मान रहे थे। लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और नतीजा आपके सामने है। उनकी यात्रा कमजोरी को खोजने और उसे मजबूती में बदलने की कहानी है। कोई भी इससे सीख ले सकता है।

दूसरी ओर हैं सचिन। दो दशकों का उनका खेल बदलते समय के साथ कदमताल करते हुए बढ़ने का उदाहरण है। उनकी उपलब्धियां बताती हैं कि जिसे आम लोग सफलता कहते हैं, उसे पाया तो क्या पाया? मजा तो तब है जब आप सफलता मापने का पैमाना ही बदल डालें।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दो टूक (07 अक्टूबर, 2010)