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महोबा में सिंचाई कर्मचारी की गोली मारकर हत्या

एक सनसनीखेज वारदात में मंगलवार देर रात सिंचाई विभाग के कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद हत्यारों ने धारदार हथियारों से शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। मृतक के परिजनों का कहना है कि कर्मचारी की हत्या के बाद उसके पास रखे 60 हजार रुपए भी लूट लिए गए। उधर, खबर लगते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की छानबीन की जा रही है।
 वारदात मुख्यालय के फतेहपुर बजरिया पुलिस चौकी अन्तर्गत सिंचाई विभाग की कॉलोनी के पास हुई। सिंचाई प्रखण्ड में वर्कमैन के पद पर तैनात चेतराम अहिरवार मंगलवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे इलाहाबाद जाने के लिए ट्रेन पकड़ने रेलवे स्टेशन जा रहा था। अभी वह घर से लगभग दो सौ कदम दूर ही पहुँचे थे कि वहाँ घात लगाए हमलावरों ने उन्हें दबोच लिया। इस दौरान एक ने चेतराम की कनपटी पर गोली मार दी। गोली लगते ही उन्होंने मौके पर दम तोड़ दिया। बेरहम हत्यारों ने को इसके बाद भी रहम नहीं आया और उन्होंने चेतराम के शव को धारदार हथियारों से काट डाला। इसके बाद हत्यारे फरार हो गए। हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँच गई। उधर, चेतराम के परिजन भी वहाँ पहुँच गए। मौके पर चेतराम का बैग तथा अन्य सामान बिखरा हुआ पड़ा था। परिजन उसके पास से साठ हजार रुपए व मोबाइल लूटने की बात भी कह रहे हैं। उनका कहना है कि चेतराम श्रीनगर थाना क्षेत्र के उरवारा गाँव निवासी अपने साले शिवचरन की हाईकोर्ट में पैरवी के लिए इलाहाबाद जा रहे थे। पाँच माह पहले हुई कथूला अहिरवार की हत्या के मामले में शिवचरन मुख्य आरोपी है। वह इस मामले में जेल में बंद है। परिजन किसी पर भी हत्या का शक नहीं जता रहे हैं। अंदेशा है कि लेन-देन के विवाद के चलते हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। चर्चा यह भी है कि उरवारा के कथूला हत्याकांड में साले के लिए चेतराम की ओर से की जा रही पैरवी भी कत्ल की एक वजह हो सकती है।

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