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छापे में लाखों का नकली नमक व डिटर्जेट बरामद

आदमपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को मारे गये छापे में लाखों का नकली नमक व डिटर्जेट बरामद हुआ है। नमक को टाटा कंपनी और डिटर्जेट को घड़ी कंपनी के रैपर में भरकर बाजार में बेचा जाता था। कॉपी राइट कानून के उल्लंघन में अभियुक्त शंकर जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास नमक व डिटर्जेट बनाने व बेचने का लाइसेंस तक नहीं था। बरामद माल को सील कर दिया गया है। पुलिस उन अभियुक्तों की तलाश कर रही है जो नकली नमक व डिटर्जेट को बाजार में खपाते थे।


आदमपुर थाना पुलिस की सूचना पर आदमपुर क्षेत्र के ए-16/11 दीवानगंज में छापा मारा गया। स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकारी श्रीनाथ शुक्ल के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य निरीक्षक राम सकल यादव और खाद्य निरीक्षक महेंद्र यादव व अकील मसूद ने छापेमारी की। छापे के दौरान अभियुक्त शंकर जायसवाल मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। मौके पर नकली टाटा नमक के करीब एक हजार पैकेट, बीस बोरा खड़ा नमक के अलावा करीब 25 बोरी डिटर्जेट बरामद हुआ है। नमक में आयोडीन मिलाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। छापे के दौरान नकली माल ही नहीं, उसे तौलने और पैक करने की मशीन भी बरामद के आलावा बड़ी मात्र में खाली रैपर बरामद हुए हैं। छापामार दल ने नमक व डिटर्जेट के चार नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे हैं।
श्री शुक्ल ने बताया कि टाटा नमक व घड़ी डिटर्जेट का खाली रैपर कानपुर से मंगाए जाते थे। अभियुक्त शंकर विश्वेश्वरगंज से सादा नमक और घटिया डिटर्जेट खरीदकर उसे ब्रांडेड कंपनी के रैपर में बंद करके बाजार में महंगे दाम पर बेचता था। उसके इस काम में कई लोग शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि जांच से ही पता चल पाएगा कि नमक में आयोडीन था या नहीं। बरामद माल की कीमत करीब 5-6 लाख रुपये है। कार्रवाई के लिए सेल टैक्स विभाग को भी सूचना दे दी गयी है। छापेमारी में आदमपुर के थानाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह दल-बल के साथ मौजूद थे।

बिना आयोडीन का नमक खाने से संभावित रोग
-बढ़ जाता है घेंघा रोग का खतरा
-लंबे समय तक घटिया नमक खाने से गुर्दे पर विपरीत असर
-खराब नमक खाने पर मुंह, जीभ में छाला व आंतों में घाव
(जैसा डा.संजय राय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आईएमए ने बताया)

क्या करें जब शक हो
अगर आपको लगता है कि आपको बाजार से मिला नमक घटिया या बगैर आयोडीन का है तो तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकारी (सिटी मजिस्ट्रेट) श्रीनाथ शुक्ल से शिकायत करें। नमक में आयोडीन की जांच सिर्फ लैब में ही संभव है। घर पर इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकती। विभिन्न पैथोलॉजी सेंटरों पर शुल्क चुका कर इसकी जांच करायी जा सकती है। लेकिन यह जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं होगी। प्रशासन से शिकायत ही एकमात्र उपाय है।

बनारस में नमक की आपूर्ति
खड़ा नमक : रोजाना 30-40 हजार रुपये
ब्रांडेड नमक : रोजाना 4-5 लाख रुपये

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  • Web Title:छापे में लाखों का नकली नमक व डिटर्जेट बरामद