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ग्रामीण जलापूर्ति योजना के लिए बैठी जांच कमेटी

राज्य में चल रहे ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना की जांच के लिए कमेटी बैठा दी गई है। इससे इंजीनियर-ठेकेदार में हड़कंप है। ग्रामीण इलाकों में पाइप से जलापूर्ति के लिए 297 करोड़ की 135 योजनाएं टेकअप की गई। इनमें 56 ही पूरी हो सकी हैं।  फिलहाल 78 योजनाओं पर काम चल रहा है। इन्हीं 78 योजनाओं की जांच करायी जाएगी।

मुख्य अभियंता (मुख्यालय) सुबोध कुमार की अगुवाई में गठित जांच कमेटी में कार्यपालक अभियंता ( मोनिटरिंग) यमुना राम तथा रमेश कुमार को शामिल किया गया है। विभागीय सचिव ने 31 अक्तूबर तक सभी योजनाओं की जांच पूरी करते हुए विभाग को रिपोर्ट सौंपने को कहा है। जांच के लिए 78 योजनाओं की सूची भी शामिल की गई है। तथा योजना की प्राक्कलित राशि, लागत तथा खर्च का भी ब्योरा दिया गया है।

जांच कमेटी से कहा गया है कि योजनाओं की भौतिक प्रगति के साथ वास्तविक खर्च की छानबीन की जाए। एस्टीमेट में शामिल विशिष्टियों के मुताबिक काम हुआ है या नहीं और क्वालिटी की भी जांच करने को कहा गया है। बताते चलें कि हिन्दुस्तान ने बुधवार के अंक में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की दुर्गति पर खबर प्रकाशित की है।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में दजर्नों ग्रामीण जलापूति योजनाएं वर्षो से घिसट रही हैं। योजना पूरी हो इसके लिए मुख्य सचिव क्लोज मोनिटरिंग कर रहे हैं। ठेकेदारों के लिए माइलस्टोन तथा इंजीनियरों को महीनावार एक्शन प्लान भी दिया गया है। विभागीय सचिव सुरेंद्र सिंह ने इंजीनियर, ठेकेदार से दो टूक कहा है कि क्वालिटी के साथ कार्य प्रगति नहीं होने पर सीधी कार्रवाई भी होगी। इसलिए जांच कमेटी भी बैठा दी गई है।

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