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जान से मारने की धमकी, हाशिम को फिर मिली सुरक्षा

अयोध्या की विवादित जमीन के मुख्य मुस्लिम पक्षकार हाशिम अंसारी को जान से मारने की धमकी के बाद उनकी सुरक्षा बुधवार से बढ़ा दी गई।

सुरक्षा के लिए अंसारी को पहले गनर दिया गया था जिसे राज्य सरकार ने वापस ले लिया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर.के.एस.राठौड ने आज कहा कि अंसारी को गनर मुहैया कराया गया है और उनके घर पर दो सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। घर की सुरक्षा के लिए चार सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। दो सुरक्षाकर्मी सुबह और दो शाम को ड्यूटी पर रहेंगे।

उन्होंनें कहा कि अंसारी की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और पुलिस प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर रखे है। अयोध्या की विवादित जमीन का फैसला आने के बाद सुलह समझौते से मसले के हल में जुटे श्री अंसारी ने कल शिकायत दर्ज कराई थी उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पिछले 30 सितम्बर को दिए फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के कल के निर्णय से नाराज अंसारी ने आज कहा कि वह 1949 से बाबरी मस्जिद की लडाई लड़ रहे हैं। यदि बोर्ड का ऐसा ही फैसला आता रहा तो वह अब मुकदमें की पैरवी बंद कर देंगे।

उन्होंने कहा कि जब वह मुकदमा लड़ रहे थे तब सुन्नी सेंट्रल बोर्ड और उसके वकील जफरयाब जिलानी कहीं नहीं थे। अब वह खुद और अयोध्या की जनता चाहती है कि पिछले साठ साल से चल रहे इस विवाद का अंत हो जाय। मसले का हल बातचीत से ही संभव है और यह उनका वादा है कि समझौता सम्मानजनक ही होगा।

अंसारी ने आज फिर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ज्ञानदास से बात की। वह तीन दिन पहले भी ज्ञानदास से मिले थे। उन्होंने आज फिर कहा कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के कहने पर ही देश में साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाडा परिषद के महंत ज्ञानदास से उन्होंने बात शुरू की थी। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर अहमद फारूकी ने कल कहा था कि विवाद के हल के लिए बातचीत करने के वास्ते किसी को अधिकृत नहीं किया गया है।

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