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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ज्यादा ज्ञानी: पूर्व जज

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ज्यादा ज्ञानी: पूर्व जज

प्रियदर्शिनी मट्टू मामले में आरोपी संतोष कुमार सिंह को मौत की सजा देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरएस सोढ़ी का मानना है कि वह इस फैसले को न्यायिक तंत्र की विफलता नहीं मानते क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ज्यादा ज्ञानी हैं।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश सोढ़ी ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट को लगता है कि यह मामला अधिकतम सजा (मत्युदंड) के लायक नहीं है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। न्यायालय के न्यायाधीश बहुत ज्ञानी हैं और उनके पास कानून का अथाह ज्ञान है।

अदालत के पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि न्यायालय के न्यायाधीश उनके इस फैसले से सहमत नहीं हुए कि यह मामला दुर्लभ में से भी दुर्लभतम की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा मैं नहीं मानता कि यह न्यायिक तंत्र की विफलता है। इसके बजाए, सभी को ये समझना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट में बहुत काबिल न्यायाधीश होते हैं, जिनके पास कानून का बहुत ज्ञान होता है। उनका मानना है कि इस मामले को दुर्लभ में से भी दुर्लभतम में रखने का मेरा विचार गलत था।

इसके पहले जेसिका लाल और नैना साहनी हत्याकांड जैसे कई हाईप्रोफाइल मामलों की सुनवाई कर चुके न्यायामूर्ति सोढ़ी सात नवंबर, 2007 को सेवानिवृत्त हुए थे।

न्यायमूर्ति सोढ़ी ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए खुश या दु:खी होने की कोई बात नहीं है, लेकिन चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा आरोपी को दोषी ठहराए जाने के फैसले को कायम रखा, इसलिए मैं संतुष्ट हूं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेरा फैसला नहीं था, जिसे बरकरार रखा गया है, यह कानून का नियम था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।

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