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सिर्फ झारखंड के लिए नहीं है सीबीआई

झारखंड में किसी भी मामले की सीबीआई जांच की मांग करना फैशन बन गया है। सीबीआई सिर्फ झारखंड के लिए ही नहीं है। यह केंद्रीय जांच एजेंसी है। इस लिए हर मामले की सीबीआई जांच करना उचित नहीं है। राज्य में होने वाली गड़बड़ियों के लिए पुलिस और दूसरे तंत्र भी हैं। ये तंत्र पंगु भी नहीं है। इस कारण हर मामले की सीबीआई जांच नहीं कराई जा सकती।

चीफ जस्टिस भगवती प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह टिप्पणी मंगलवार को भूमि घोटाले से संबंधित एक मामले का निष्पादन करते हुए की। राजेश कुमार ने भूमि घोटाले की सीबीआई जांच के लिए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कहा कि प्रार्थियों के पास यदि किसी मामले की गड़बड़ी का पर्याप्त साक्ष्य है, तो उन्हें प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए।

मामले का अनुसंधान यदि सही तरीके से नहीं हो रहा है, तो प्रार्थी संबंधित दस्तावेज के साथ कोर्ट में अपनी बात कह सकता है। दस्तावेजों पर कोर्ट संज्ञान भी लेता है। लेकिन हर मामले के लिए पीआईएल दायर कर सीबीआई जांच की मांग करना उचित नहीं है।

राजेश कुमार ने याचिका मे कहा था कि रांची में हुए 400 एकड़ जमीन घोटाले की निगरानी जांच हो रही है। इस मामले में कई लोगों के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया गया है, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। निगरानी उन्हें फरार बता रही है, लेकिन वह घूम रहे हैं।

सरकार की ओर से बताया गया कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। हाल में दो लोगों को ग्रिरफ्तार किया गया है। निगरानी इस मामले की जांच कर रही है। जांच संतोषप्रद है।

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