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अदालत का फैसला सुनकर पूर्व मंत्री का निधन

बिहार में शेखपुरा जिले के बहुचर्चित टांटी नरसंहार कांड में अदालत से मंगलवार को दोषी करार दिए जाने से राज्य के पूर्व मंत्री संजय सिंह इतने मर्माहत हुए कि उनका न्यायालय परिसर में ही हृदय गति रूकने से देहान्त हो गया। विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेश चंद्र श्रीवास्तव ने करीब नौ वर्ष पुराने मामले में सुनवाई के बाद बिहार के पूर्व ग्रामीण विकास राज्य मंत्री संजय सिंह समेत आठ लोगों को भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया।

फैसला सुनने के बाद सिंह को दिल का दोरा पड़ा और वहीं उन्होंने दम तोड़ दिया। बाद में उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस मामले में अदालत ने तत्कालीन गांव के मुखिया बांके सिंह और एक अन्य को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सजा के बिंदुओं पर सुनवाई के लिए अदालत ने सात अक्टूबर की तिथि तय की।

प्राथमिकी के अनुसार दोषियों ने 26 दिसम्बर 2001 को राष्ट्रीय जनता दल के तत्कालीन जिलाध्यक्ष काशी नाथ यादव समेत आठ लोगों की जिले के टांटी नदी पुल के निकट गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में कांग्रेस के तत्कालीन सांसद राजो सिंह और उनके पुत्र संजय सिंह समेत 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। वर्ष 2005 में राजो सिंह की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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