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अमेरिका में क्रेडिट कार्ड कंपनियों पर कार्रवाई

अमेरिकी न्याय विभाग ने तीन प्रमुख क्रेडिट कार्ड कंपनियों, अमेरिकन एक्सप्रेस, मास्टर और वीसा कार्ड के खिलाफ ग्राहकों को कार्ड  प्रयोग की सही लागत के बारे में जानकारी छुपाने के आरोप में कानूनी कर्रवाई शुरू की है।

न्याय विभाग ने कार्ड कंपनियों के उन नियमों को अदालत में चुनौती दी है जिनके तहत वे व्यावसायियों को उपभोक्ताओं को कार्ड से खरीद पर रियायतें, पुरस्कार अथवा कार्ड की लागत के बारे में पूरी सूचना देने से रोकती हैं। विभाग का मानना है कि क्रेडिट कार्ड कंपनियों के इन नियमों की वजह से ही खरीदार को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ जाती है।
  
विभाग ने इसके साथ ही यह भी घोषणा की है कि उसने वीसा और मास्टर कार्ड के साथ एक प्रस्तावित निपटान योजना भी न्यायालय को सौंपी है, इसमें कहा गया है कि यदि इस निपटान योजना को न्यायालय की मंजूरी मिल जाती है तो दोनों क्रेडिट कार्ड कंपनियां व्यावसायियों को ग्राहकों को रियायत तथा विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन देने की अनुमति देंगे साथ ही इस बारे में सूचना भी उपलब्ध करायेंगी कि भुगतान का कौन सा तरीका कम खर्चीला होगा।
   
विभाग ने तीनों क्रेडिट कार्ड कंपनियों को इसकी लिये कोसा भी है कि वह ऐसे नियम बनाती है जो कि व्यावसायियों को ग्राहकों को कम खर्चीला भुगतान तरीका अपनाने के बारे में प्रोत्साहित करने से रोकती हैं। कंपनियों के ऐसे नियम हैं कि इससे सामान बेचने वाले दुकानदार, कारोबार अथवा व्यावसायी ग्राहकों को इसके लिये भी प्रोत्साहित नहीं कर पाती हैं कि वह क्रंडिट कार्ड से यदि भुगतान करेंगे तो उन्हें रियायत मिलेगी, इससे कारोबारियों को भुगतान लेना भी सस्ता पडता है।
   
एर्टानी जनरल एरिक होल्डर ने कहा कानूनी मामला दायर करने से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि हम गैर-प्रतिस्पर्धी गतिविधियों के मामले में कोई कोताही नहीं बरतेंगे।

अर्टानी जनरल ने कहा हम इस मामले के जरिये क्रेडिट कार्ड कंपनियों के गैर प्रतिस्पर्धी नियमों को समाप्त करना चाहते हैं और उपभोक्ताओं की जब में ज्यादा धन रखना चाहती है। न्याय विभाग का कहना है कि क्रेडिट कार्ड के जरिये भुगतान स्वीकार करने से अमेरिकी व्यावसायियों को सालाना 35 अरब डालर की लागत आती है। यह लागत क्रेडिट कार्ड के उपयोग शुल्क के रुप में ली जाती है।
   
अमेरिकन एक्सप्रेस किसी भी क्रेडिट कार्ड के मुकाबले सबसे ज्यादा फीस लेता है। इस शुल्क को व्यावसायी वस्तुओं के खुदरा मूल्य बढाकर सीधे ग्राहकों पर डाल देते हैं।  इसका एक और खामियाजा ग्राहकों को भुगतना पडता है जब वह कम खर्चीला क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तब भी कारोबारी ग्राहकों को किसी तरह की रियायत देने में नाकाम रहते हैं।
   
अमेरिकी न्याय विभाग ने मामले के निदान के लिये जो निपटान योजना पेश की है उसके तहत मास्टर कार्ड और वीसा कार्ड अपने व्यावसायियों को अपनी शर्तों में नहीं बांधेंगी और उन्हें किसी अन्य क्रेडिट कार्ड नेटवर्क अथवा उनके नेटवर्क के भीतर कम खर्चीले कार्ड के इस्तेमाल होने पर ग्राहकों को रियायत देने से नहीं रोकेंगी।

निपटान योजना में यह भी कहा गया है कि मास्टर कार्ड और वीसा कार्ड अपने नेटवर्क के भीतर कम खर्चीले क्रेडिट कार्ड की वरीयता के बारे में भी बतायेंगी अथवा भुगतान के अन्य खर्चीले तरीके के बारे में भी ग्राहकों को बतायेंगी।  इसके अलावा ग्राहकों को यह भी बतायेंगी कि किस क्रेडिट कार्ड पर कारोबारियों को कितनी लागत आती है।

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  • Web Title:अमेरिका में क्रेडिट कार्ड कंपनियों पर कार्रवाई