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बेहद रोमांचक मुकाबले में भारत ने मोहाली टेस्ट जीता

बेहद रोमांचक मुकाबले में भारत ने मोहाली टेस्ट जीता

खेलों की दुनिया में मंगलवार का दिन भारत के लिए खास रहा। एक ओर जहां सुबह की शुरुआत कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मैडल के साथ हुई वहीं दोपहर होते-होते मोहाली टेस्ट में भारत ने रोमांचक जीत दर्ज की।

रोमांच से भरपूर टेस्ट के पांचवे दिन भारत ने मोहाली में जीत हासिल कर सीरीज में 1-0 बढ़त बना ली। हर गेंद के साथ रोमांच चरम पर पहुंचता गया और जब भारत को जीत के लिए सिर्फ 6 रन चाहिए थे, तभी ओवरथ्रो के 4 रन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए किसी विलन की तरह भूमिका निभाई।

जीत के लिए मात्र 216 रन का पीछा करने उतरी टीम इंडिया 124 रन पर आठ विकेट गंवाकर गहरे संकट में फंस चुकी थी और उसके ऊपर हार का खतरा मंडराने लगा था। लेकिन लक्ष्मण (नाबाद 73) ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारत को अविश्वसनीय जीत दिला दी।
 
लक्ष्मण ने नौवें विकेट के लिए इशांत शर्मा (31) के साथ 81 रन की अहम साझेदारी की। हालांकि भारत को जब जीत के लिए 11 रन की ज़रूरत थी तभी इशांत बेन हिल्फेनहास की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। लेकिन लक्ष्मण और प्रज्ञान ओझा (नाबाद पांच) के साथ मिलकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिला दी।

लक्ष्मण ने नाज़ुक क्षणों में पीठ दर्द और ऑस्ट्रेलिया की मारक गेंदबाज़ी पर काबू पाते हुए 79 गेंदों में नाबाद 73 रन बेशकीमती पारी खेली। इस दौरान उन्होंने गेंद को आठ बार सीमारेखा के बाहर पहुंचाया। हैदराबाद के लक्ष्मण ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (38) के साथ छठे विकेट के लिए 43 रन और इशांत के साथ नौवें विकेट के लिए 81 रन की अहम साझेदारियां की। एक छोर पर लगातार विकेट गिरने के बावजूद लक्ष्मण ने धैर्य का परिचय देते हुए बेहतरीन बल्लेबाज़ी की।
 
ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में तीन विकेट लेने वाले इशांत ने बल्लेबाज़ी में भी झंडे गाड़ते हुए 92 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 31 महत्वपूर्ण रन बनाए। भारत के दिग्गज बल्लेबाज़ जहां ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ी के आगे नतमस्तक हो गए वहीं इशांत ने विपरीत परिस्थितियों में ज़बर्दस्त संयम का परिचय दिया और भारत को जीत की दहलीज़ पर पहुंचा दिया।
 
ऑस्ट्रेलिया की ओर से हिल्फेनहास ने 57 रन पर चार विकेट चटकाए जबकि डग बोलिंजर ने 32 रन पर तीन विकेट लिए। नाथन हौरित्ज के खाते में एक विकेट आया। इससे पहले भारत ने चार विकेट पर 55 रन से खेलना शुरु किया। सचिन दस रन और नाइटवाचमैन ज़हीर खान पांच रन बनाकर खेल रहे थे। ज़हीर अपने स्कोर में पांच रन का इज़ाफा करने के बाद नाथन हौरित्ज की गेंद पर माइकल क्लार्क के हाथों लपके गए।
 
इसके बाद सचिन और लक्ष्मण ने छठे विकेट के लिए 43 रन जोड़े। भारत की जीत का पूरा दारोमदार अब इसी जोड़ी पर था। लेकिन मास्टर ब्लास्टर अपनी पारी को अधिक लंबा नहीं खींच पाए और 64 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 38 रन बनाकर डग बोलिंजर की गेंद को माइक हसी के हाथों में खेल बैठे।
 
कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी मात्र दो रन बनाकर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए। इसी ओवर की चौथी गेंद पर बोलिंजर ने हरभजन सिंह को भी चलता कर दिया। उन्हें कप्तान रिकी पोंटिंग ने कैच किया। भारत अब गहरे संकट में फंस चुका था और सारी ज़िम्मेदारी लक्ष्मण के मज़बूत कंधों पर आ गई थी।
 
लक्ष्मण ने एक बार फिर संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए भारत को संकट से उबारते ही जीत की मंजिल पर पहुंचाया और अंत तक आउट नहीं हुए। हालांकि वह पीठ दर्द से जूझ रहे थे और रनर के साथ खेल रहे थे।

उन्हें आउट करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पोंटिंग ने अपने तरकश के सभी हथियारों को आज़माया और बाउंसर भी फिंकवाए लेकिन लक्ष्मण ने इसने सबसे पार पाते हुए भारत को जीत की मंज़िल पर पहुंचाकर ही दम लिया। इस जीत के साथ ही भारत ने दो मैचों की सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली है। दूसरा और अंतिम टेस्ट नौ अक्टूबर से बेंगलूर में शुरु होगा।

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