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पूजन और फलाहार सामग्रियों के दाम 20 फीसदी तक बढ़े

शारदीय नवरात्र में लोग नौ दिन का व्रत रहते हैं। अधिकांश लोग पहले और आखिरी दिन मां के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए भोजन से विरत रहते हैं। मां की आराधना में प्रयोग आने वाली पूजन सामग्रियां हों या फिर फलाहार सामग्री। सभी के दाम पिछले साल की तुलना में अबकी 20 प्रतिशत तक बढ़े गये हैं। दाम बढ़ने से मां को चढ़ायी जाने वाली चुनरी के साइज भी छोटी हो गयी है। अबकी बाजार में सितारायुक्त एब्रॉयडरी एवं चमकी चुनरी भी बाजार में आ गयी है।

विक्रेताओं की मानें तो मां के पसंदीदा नारियल के दाम में दो रुपये प्रति पीस का इजाफा हुआ है। गोटा का दाम 17-18 रुपये दजर्न से बढ़कर 24-26 रुपये दजर्न हो गया है। मोती की बड़ी माला 50 की जगह 60 रुपये की हो गयी है। छोटी मालाएं 5 से 10 रुपये पीस बिक रही है। थोक व फुटकर विक्रेता अंकित अरोड़ा बताते हैं कि सितारायुक्त इब्राइडरी चुनरी (जार्जेट कपड़ा) पहली बार बाजार में आयी है।

सवा गजी चुनरी 70 रुपये पीस की है तो दो मीटर वाली 200 से 1200 रुपये पीस। छोटी चुनरी 20 रुपये पीस से कम नहीं है। व्हाइट व गोल्ड कलर की चमकी पिंट्र वाली चुनरी 10 से 60 रुपये पीस बिक रही है। दो मीटर वाली इसी चुनरी का दाम 110 से 400 रुपये पीस है। रॉ-मैटेरियल के दाम बढ़ने से चुनरी की साइज भी छोटी होने लगी है।

बाढ़-बरसात की वजह से मथुरा वाली चुनरी इस साल बाजार में नहीं आयी। पूजन व फलाहार सामग्री के फुटकर विक्रेता बसंत कुमार की माने तो पूजन और फलाहार सामग्री महंगी होने से खरीदारी पर असर दिखने लगा है। लोग सामान तो खरीद रहे हैं लेकिन मात्र घटा दिया है।

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  • Web Title:पूजन और फलाहार सामग्रियों के दाम 20 फीसदी तक बढ़े