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इलेक्ट्रॉनिक शेयर

डिमैटीरियलाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है  जिससे शेयर सर्टिफिकेट को इलेक्ट्रॉनिक शेयर में बदला जाता है। जब शेयर इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में बदल जाते हैं, तो वह डिमैट एकाउंट में दर्ज हो जाते हैं। अपने पुराने शेयर को परिवर्तित करने के लिए आप ब्रोकरेज हाउस में डिमैट रिक्वेस्ट फॉम भरकर जमा कराते हैं, जिसमें आप परिवर्तित कराने वाले शेयरों की संख्या, जिस कीमत पर शेयर खरीदे गए और नाम व आयु संबंधी अन्य व्यक्तिगत जानकारी भरते हैं।

इस फॉर्म के साथ आपको अपने शेयर भी जमा कराने होते हैं। अपने शेयर सर्टिफिकेट को डिमैट के लिए जमा करने के स्टैंप लगाकर भेजने से पूर्व उन्हें रद्द जरूर करा लें। इस प्रक्रिया को डिफेसिंग ऑफ शेयर भी कहते हैं। 

आपके द्वारा भेजे गए शेयर सर्टिफिकेट और डिमैट रिक्वेस्ट फॉर्म हासिल होने के बाद ब्रोकर डिमैट रिक्वेस्ट नंबर देता है और उसे कंपनी रजिस्ट्रार के पास भेज देता है। 

रजिस्ट्रार द्वारा आवश्यक जांच पड़ताल व सत्यापन किया जाता है। इसके बाद ही कंपनी द्वारा शेयर को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में डिमैटीरियलाज्ड करने की स्वीकृति दी जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 15 दिन का समय लग जाता है।

इसके साथ ही आपके पास अपने इलेक्ट्रॉनिक शेयर को पेपर प्रारूप में बदलने का विकल्प भी होता है। इस प्रक्रिया को रिमैटीरियलाइजेशन के नाम से जाना जाता है। ऐसे लोग जो कि लंबे समय तक अपने शेयरों को अपने पास रखना चाहते हैं या फिर भावी पीढ़ी के लिए बचत कर रहे होते हैं, वे अपने शेयरों को कागज रूप में अपने पास जमा रखते हैं।

इसे आप शेयरों को तुरंत बेचने के आकर्षण से अपने आपको रोक पाने में कामयाब हो जाते हैं। आपके शेयर सर्टिफिकेट को इलेक्ट्रॉनिक शेयर में बदलने के लिए ब्रोकर आपसे कुछ फीस लेता है। यह फीस अलग अलग हो सकती है। अच्छे पोर्टफोलियो वाले अपने ग्राहकों को ब्रोकर यह सुविधा निशुल्क भी देते हैं।

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