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चीन के सैन्य विस्तार पर हमारी सजग नजर: वायुसेना प्रमुख

चीन के सैन्य आधुनिकीकीण पर भारत द्वारा सजग नजर रखे जाने पर जोर देते हुए वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल पीवी नाइक ने सोमवार को कहा कि राष्ट्र के विकास पर जिन चीजों का प्रभाव पड़ता है, वह चिंता का विषय है।

वायु सेना प्रमुख ने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कोई भी चीज जिससे राष्ट्र (भारत) के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वह चिंता का विषय है। इसे ऐसे ही देखा जाता है और योजना तैयार की जाती है। नाइक ने कहा कि चाणक्य की उक्ति के अनुरूप सभी पड़ोसियों पर सजग नजर रखी जानी चाहिए कि इनसे हमारे देश के विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है। इसलिए हम सभी पड़ोसियों पर सचेत नजर रखते हैं चाहे वह छोटा हो, या बड़ा।

वायु सेना प्रमुख से चीन की सैन्य आधारभूत संरचना के विकास और तिब्बत के बारे में उनके विचार के विषय में पूछा गया था। बहरहाल, उन्होंने कहा कि भारत का पुरजोर तरीके से मानना है कि वह सभी पड़ोसी देशों की सम्प्रभुता को मानता है और उन्हें अपनी सीमाओं के भीतर इच्छा के अनुरूप काम करने का अधिकार है।
 
नाइक ने कहा कि हम पड़ोसी देश हैं और हमें एक दूसरे की सम्प्रभुता का सम्मान करना चाहिए। वायु सेना प्रमुख ने कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भारत की जिम्मेदारी होर्मुज जलडमरूमध्य से मलक्का जलडमरूमध्य और उससे आगे है। यह भविष्य में होगा। हमें यह देखना है कि इन इच्छाओं के लिए कितनी क्षमता की जरूरत है और इस उद्देश्य से आधुनिकीकरण और खरीद की क्या योजना तैयार करनी होगी।

नाइक ने कहा कि भारतीय वायु सेना की खरीद योजना के चार आधार हैं जिनमें आकलन, पहुंच, मारक क्षमता और रक्षात्मक क्षमता शामिल है। यह पूछे जाने पर कि वायु सेना भी क्या थल सेना की तरह चीन और पाकिस्तान दोनों से दो अलग-अलग मोर्चों पर निपटने की नई रणनीति तैयार कर रही है तो वायु सेना प्रमुख ने कहा कि वायु सेना कई मोर्चों पर तैयारी कर रही है। यह एक मोर्चे या अन्य मोर्चे या किसी अन्य की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि सैन्य बलों के आवंटन के संदर्भ में आप इनका बंटवारा कर सकते हैं। अन्यथा हम कई मोर्चों पर तैयारी कर रहे हैं।

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  • Web Title:चीन के सैन्य विस्तार पर हमारी सजग नजर: वायुसेना प्रमुख