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पीसीडीएफ की हालत खस्ता, कर्मचारी आंदोलनरत

उत्तर प्रदेश और दिल्ली के करोडों दुग्ध उपभोक्ताओं को प्रतिदिन दूध एवं दुग्ध पदार्थ उपलब्ध कराने वाली संस्था प्रादेशिक कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन (पीसीडीएफ) के कर्मचारियों को पिछले कई माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी हालत खस्ता है और वह भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।

पीसीडीएफ ट्रेड यूनियन मंच उत्तर प्रदेश के संयुक्त सचिव एस.पी. प्रधान ने सोमवार को बताया कि डेयरी में कार्यरत कर्मियों को दो से 25 माह तक का वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण हेतु प्रदेश के प्रबन्ध निदेशक, मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया जा चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के बजाय सार्वजनिक निजी साझेदारी माडल के माध्यम से प्रदेश के किसानों की डेयरी की जमीन को निजी हाथों में बेचने का निर्णय ले लिया है।

उन्होंने कहा कि विगत 12 सालों से दुग्ध सहकारिता का चुनाव नहीं कराया गया तथा किसान प्रतिनिधियों को बाहर कर अध्यक्ष पद पर सरकारी व्यवस्था कर दी गई तथा अधिकांश डेयरियों को घाटें में दिखाया जा रहा है। प्रधान ने कहा कि दुग्ध सहकारिता के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसानों का हित जुड़ा है तथा दुग्ध उत्पादक किसानों का करोडों रूपए की शेयर पूंजी भी इस संस्था में निवेशित है। उन्होंने कहा कि जहां दुग्ध उत्पादक किसानों का करोडों रूपया दुग्ध मूल्य के रूप में बकाया है। वहीं कर्मचारियों का कई माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है जिसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति बदतर हो गई है।

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