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जब स्टार हो जाते हैं गुस्से से बेकाबू

जब स्टार हो जाते हैं गुस्से से बेकाबू

क्रोध इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है, यह सभी जानते हैं। बावजूद इसके जिस तरह हंसी और खुशी छिपाये नहीं छिपती, ठीक उसी तरह गुस्सा अगर एक बार आ जाता है तो उसे भी कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा आ जाता है, लेकिन कुछ लोगों को तभी गुस्सा आता है, जब वह कुछ गलत होते देखते हैं। हमारे बॉलीवुड स्टार कब इस गुस्से के शिकार हुए है, उन्हें कब जोरदार गुस्सा आया कि वह अपने आप पर काबू नहीं कर पाये, आइये जानते हैं उन्हीं से

सोनम कपूर

मुझे गुस्सा बहुत कम आता है, लेकिन अगर मैं किसी गरीब बेसहारा या कमजोर पर अत्याचार होते देखती हूं तो अपने गुस्से पर काबू नहीं कर पाती हूं। ऐसे ही एक बार मैं शूटिंग के लिये जा रही थी, तभी मैंने देखा कि रास्ते में 20-22 साल का एक युवक 6-7 साल के लड़के को गाल पर लगातार थप्पड़ मार रहा था। उस वक्त मुझ से रहा नहीं गया। मुझे इतना गुस्सा आया कि मैं कार से उतरी और उस युवक को मैंने थप्पड़ लगाया और उस बच्चे को उससे छुड़वाया। तभी उस बच्चे की मां आ गई और उस बड़े लड़के से झगड़ने लगी। मैं तो कार में वापस आकर बैठ गई और शूटिंग स्थल की तरफ निकल गई। उस वक्त मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं उस बड़े लड़के के गाल पर उतने ही थप्पड़ मारूं, जितने उस बच्चे के गाल पर उसने मारे थे। 

शिल्पा शेट्टी

मेरे करीबी सभी लोग जानते हैं कि मैं हंसमुख स्वभाव की हूं। हजारों तकलीफों में भी मैं हंसती व मुस्कुराती रही हूं, क्योंकि मेरा मानना है, हंसी और खुशी आपको ही नहीं, दूसरों को भी आगे बढ़ने का प्रोत्साहन देती है। लिहाजा गुस्सा करना मेरे स्वभाव में ही नही है, लेकिन उस वक्त मैं अपने गुस्से को कंट्रोल नहीं कर पाती हूं, जब कोई मेरे मां व पिता के लिये भला-बुरा कहता है या उन्हें टारगेट बनाने की कोशिश करता है। पिछले कुछ समय पहले एक बार साड़ी विज्ञापन के कांड को लेकर मेरे माता-पिता को बहुत परेशान किया गया था। यहां तक कि उन्हें मेरी वजह से कोर्ट-कचहरी तक के चक्कर काटने पड़े थे। उस वक्त मीडिया ने भी मेरे माता-पिता के बारे में बहुत कुछ गलत-सलत छापा था। उस वक्त मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैं इतनी मजबूर थी कि कुछ कर भी नहीं पा रही थी। लंदन में ‘बिग ब्रदर’ में जब मुझे सांवली इंडियन कहकर बेइज्जत किया गया था, उस वक्त भी मुझे बहुत गुस्सा आया था। उस गुस्से का बदला मैंने ‘बिग ब्रदर’ में जीत हासिल करके लिया था।

सलमान खान

मेरा गुस्सा तो जगजाहिर है। लोगों का तो यही मानना है कि मैं बहुत शॉर्ट टैम्पर हूं। हमेशा गुस्से में रहता हूं, लेकिन सच्चाई यह है कि बेसिकली मैं बहुत शांत स्वभाव का हूं। मुझे गुस्सा तभी आता है जब कुछ गलत होता है, फिर चाहे वह शाहरुख के साथ झगड़ा हो या विवके ओबरॉय से चिढ़ना हो, दोनों के पीछे यही सही कारण हैं मेरे गुस्से के। मुझे कई ऐसे अनुभव  हुए हैं, जिनसे मैं मेंटली बहुत हर्ट हुआ हूं और अपने गुस्से पर काबू नहीं कर पाया हूं। लेकिन अब मैं कोशिश करता हूं कि मुझे जल्दी गुस्सा न आये, क्योंकि गुस्से से सिर्फ नुकसान ही होता है, कोई फायदा नहीं होता।

संजय दत्त

वैसे तो पहले के मुकाबले मैंने अपने गुस्से पर बहुत काबू पा लिया है। दूसरे शब्दों में मैं गांधीवाद को फॉलो कर रहा हूं। लेकिन बावजूद इसके अगर कोई मुझे बेवजह परेशान करने की कोशिश करता है तो मैं अपने गुस्से पर काबू नहीं कर पा पाता हूं। ऐसा ही कुछ साल पहले मेरे साथ हुआ था। हुआ यूं, मैं एक दिन पार्टी अटैंड करके होटल के बाहर अपनी कार के पास खड़ा था, तभी पता नहीं कहां से तीन-चार लड़के, जो अमीर बाप की बिगड़ी हुई औलाद लग रहे थे, मेरे पास आ गये और छेड़खानी करके मुझे परेशान करने लगे। पहले तो मैंने उन्हें शराफत से समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माने तो मैंने उन्हें मारना शुरू कर दिया। मैं अकेला उन चार पर भारी था। फिर क्या था, वह वहां से भाग खड़े हुए।     

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