अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हड़तालियों पर कार्रवाई शुरू

चेतावनी की मियाद पूरी होते ही राज्य सरकार ने हड़तालीकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत हड़ताल पर डटे कर्मियों को गुरुवार से कारण बताओ नोटिस जारी की गईं। इसका जवाब नहीं देने वाले कर्मियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर उन्हें निलम्बित किया जाएगा। कार्रवाई के तहत बर्खास्तगी तक हो सकती है। कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था। यह अवधि 21 जनवरी को ही पूरी हो गई।ड्ढr ड्ढr राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों से कहा है कि वे अपने यहां की अटेंडेंस रािस्टर देख कर यह पता करें कि कितने लोग हाजिरी बनाकर हड़ताल के नाम पर गायब हो रहे हैं। ऐसे लोगों की सूची तलब की गई है। कार्रवाई की पहली गाज ऐसे ही लोगों पर गिरगी। इस बीच राज्य सरकार ने दावा किया है कि उसकी अपील पर कर्मचारी धीर-धीर काम पर वापस लौटने लगे हैं। मुख्य सचिव आर.ो.एम. पिल्लै ने सभी विभागों को पहले ही निर्देश दे रखा है कि हड़ताली कर्मियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार रखें ताकि त्वरित गति से कार्रवाई की जा सके। इसके तहत सभी विभागों के प्रधान अपने यहां के हड़ताली कर्मियों को कारण बताओ नोटिस भेजने लगे हैं। मुख्य सचिव ने देर शाम वित्त विभाग के प्रधान सचिव नवीन कुमार, विकास आयुक्त एस. विजय राघवन और कार्मिक सचिव समेत कई विभागों के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।ड्ढr ड्ढr कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव आमिर सुबहानी ने बताया कि उनके विभाग से भी हड़ताली कर्मियों को कारण बताओ नोटिस भेजी गई है। यह कार्रवाई का पहला चरण है। कर्मचारियों को नोटिस डाक से उनके आवास पर भेजी जा रही है। ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, नगर विकास विभाग समेत कई विभागों के आला अधिकारिंयों ने अपने यहां के हड़ताली कर्मचारियों के पते पर प्रपत्र ‘क’ समेत कारण बताओ नोटिस भेजना शुरू करने की सूचना कार्मिक विभाग को दी है। श्री सुबहानी ने बताया कि विभिन्न विभागों में हड़ताली कर्मियों के काम पर वापस लौटने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: हड़तालियों पर कार्रवाई शुरू