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महाधरना के जरिए झाविमो ने किया आंदोलन का आगाज

विभिन्न मांगों को लेकर झाविमो ने बाबानगरी में महाधरना के माध्यम से आंदोलन का आगाज किया। शहर के वीर कुंवर सिंह चौंक पर विशाल धरना का आयोजन किया गया जिसमें पार्टी के 6 विधायक, वरीय नेता समेत सभी मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्षों ने शिरकत किया। एक तरह से कहे तो पूरी पार्टी रविवार को देवघर में उतरी।

महाधरना को संबोधित करते हुए झाविमो के केन्द्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 15 सितंबर को जिस बहादुरी के साथ सभी जिलों में जेल भरो आंदोलन को अंजाम दिया गया उसके लिए कार्यकर्ता धन्यवाद के पात्र हैं। यह आंदोलन का प्रारंभ है जबतक राज्य की जनता की मांग पूरी नहीं होगी तबतक आंदोलन जारी रहेगा।

मुंडा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की नहीं बल्कि सत्ता की चिंता है। सत्ता के लिए भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है और इसका उदाहरण देने की जरुरत नहीं है। भाजपा अपने सिंद्धांतो, मूल्यों और नैतिकता से भटक गयी है। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर को पुलिस ने निर्दयता पूर्वक महिला को पीटा। वह आंदोलन किसी पार्टी का नहीं बल्कि जनता के लिए था और इस आंदोलन को सरकार और प्रशासन ने कुचलने का प्रयास किया।

जेल भरो आंदोलन की तिथि को देखते हुए ही भाजपा ने 14 सितंबर को विश्वस मत हासिल करने की तिथि रखी ताकि 15 के आंदोलन को कुचला जा सके लेकिन हजारों की संख्या में जनता सड़क पर उतरकर दिखा दिया कि हमारा आंदोलन उनके लिए था। जनता की मांगो का जनता ने भरपूर समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि झाविमो झूठा मुकदमा वापस लेने, विस्थापितो की मांग पूरा करने, झारखण्ड को अकाल क्षेत्र घोषित करने तथा जन समस्याओं से जुड़े मुद्दों को लेकन आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने जनता से भी सहयोग की अपील की।

मौके पर पूर्व विधायक डॉ सबा अहमद, अनुसूचित जाति के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रभात भुइंया, किसान मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष नागेश्वर कुशवाहा, अल्पसंख्यक मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष नजरुल हसन हासमी, अनुसूचित जनजाति के केन्द्रीय अध्यक्ष जुगल सोरेन मुंडा, केन्द्रीय सचिव रमेश राही, देवघर जिलाध्यक्ष नागेश्वर सिंह, उपमहापौर संजयानंद झा,रणधीर सिंह, निर्मला भारती, संजय दास, मणिकांत यादव, सहीम खान समेत दुमका, गोड्डा और देवघर के दजर्नों नेता कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सरकार बनी तो सबक सिखाएंगे: प्रदीप
झाविमो विधायक दल के नेता सह पौड़ेयाहाट के विधायक प्रदीप यादव ने महाधरना को संबोधित करते हुए कहा कि लाठी बरसाने वाले पुलिस अधिकारियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। 15 सितंबर को बर्बरतापूर्ण कार्य करनेवाले डीसी, एसपी, सीओ और थाना प्रभारी की सूची झाविमो ने अपनी डायरी में बंद कर ली है। जब झाविमो की सरकार बनेगी तो इन अधिकारियों को सबक सिखाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुंडा सरकार जनता के लिए नहीं बनी है अगर होती तो सबसे पहले झारखण्ड को अकाल क्षेत्र घोषित करती। जो मुंडा सरकार बनने के पूर्व आकाल का राग अलाप रही थी, सत्ता मिलते ही देखने का चश्मा बदल गया। देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार बने एक महीने हो गए और अबतक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं किया गया।

राज्य के विकास का सारा कार्य ठप्प पड़ गया है। उन्होंने पुनासी योजना के संबंध में कहा कि पुनासी का काम भले ही बंद हो जाए लेकिन पहले विस्थापितों की मांग पूरी होनी चाहिए।

पवित्र भूमि से हुआ आंदोलन का आगाज: समरेश
बोकारो विधायक समरेश सिंह ने महाधरना को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की सबसे बड़ी और पवित्र भूमि से झाविमो ने आंदोलन की शुरुआत की है। यह आंदोलन एक नये झारखण्ड के निर्माण की कहानी लिखेगा। उन्होंने कहा कि झारखण्ड के दलित, किसान, आदिवासी, गरीब सभी आकाल से प्रभावित है मगर मुंडा सरकार सोयी हुई है।

15 सितंबर को देवघर में झाविमो कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज की घटना की नींदा करते हुए मांग किया कि दोषी पुलिस वालों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाय। जबतक प्रशासन झाविमो कार्यकर्ताओं पर लगाए झूठे मुकदमें को वापस नहीं लेती है तबतक आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस ने हैवानियत का परिचय दिया: चंद्रिका
झारखण्ड विकास मोर्चा के महाधरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चंद्रिका महतो ने कहा कि 15 सितंबर को देवघर पुलिस ने हैवानियत का परिचय दिया। अकाल की मांग को लेकर झाविमो के जेल भरो कार्यक्रम के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठी बरसायी।

पुलिस ने ना सिर्फ लाठियों से पीटा बल्कि कार्यकर्ताओं पर झूठा मुकदमा भी कर दिया। जबतक कार्यकर्ताओं पर लगे मुकदमे को वापस नहीं लिया जाएगा तबतक आंदोलन जारी रहेगा।

अयोध्या मामले में जनता को धन्यवाद: शाहबादी
महाधरना को संबोधित करते हुए गिरीडीह के विधायक निर्भय शाहबादी ने अयोध्या मामले में संयम का परिचय देने के लिए राज्य की जनता को धन्यवाद दिया। यही संयम भारत की प्रगति का अध्याय शुरु करेगा और झारखण्ड में भी जोड़-तोड़ की राजनीति का अध्याय लिखा जाएगा। जो मुंडा पहले आकाल की मांग कर रहे थे, सरकार बनते ही राज्य की अकाल की स्थिति नहीं दिखने लगी।

उन्होंने कहा कि मुंडा सरकार ने तो विश्वासमत प्राप्त कर लिया मगर झारखण्ड की जनता का विश्वास खो दिया। देवघर प्रशासन ने जो लाठियां झाविमो के कार्यकर्ताओं पर बरसायी, अगर सरांडा के जंगल में चलाते तो अच्छा होता। अगर पुलिस प्रशासन ने केस वापस नहीं लिया तो ईंट से ईंट बजाने की बात कही।

अफसरशाही रवैये का प्रतिफल महाधरना: सत्येन्द्र
गढ़वा के विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी ने महाधरना को संबोधित करते हुए कहा कि 15 सितंबर को बर्बरतापूर्ण अफसरशाही रवैये का प्रतिफल यह धरना है। झाविमो के कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर समाहरणालय गए थे, डीसी ने नौकरी या पेंशन मांगने नहीं गए थे लेकिन यहां के पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बुरी तरह पीट दिया। सरकार ने भी प्रशासन की पीठ थपथपाकर यह साबित कर दिया कि राज्य में झाविमो की लोकप्रियता को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।

देवघर की पुलिस 18 लोगों पर नहीं बल्कि दो करोड़ लोगों पर मुकदमा करने का काम किया है। अगर सरकार सोचती है कि कार्यकर्ताओं पर लाठी चलाकर वे चैन की नींद सोएगी तो झाविमो ऐसा नहीं होने देगा। देवघर से आंदोलन का आगाज हो गया है और इसकी चिंगारी पूरे झारखण्ड में फैलेगी।


अधिकारियों ने अपने पद को कलंकित किया: फूलचंद
सिंदरी विधायक फूलचंद मंडल ने महाधरना को संबोधित करते हुए कहा कि देवघर के अधिकारियों ने अपने गरिमामय पद को कलंकित करने का काम किया है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से ही झारखण्ड रसातल में जा रहा है। कोई भी अधिकारी जनता का सेवक होता है, 15 सितंबर को जब जनता की मांगो को लेकर जनता के साथ झाविमो कार्यकर्ता समाहरणालय पहुंचा तो उनका स्वागत करने के बजाय उनपर लाठी बरसायी गयी। ऐस भ्रष्ट और तानाशाह अधिकारियों को जिले में रहने का कोई हक नहीं है।

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