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हाउसिंग सोसायटी में घोटाला

जमशेदपुर को-ऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी (जेसीएचबीएस) में लाखों रुपए का घोटाला करने वाले आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। गौरतलब है कि निबंधक सहकारी समितियां द्वारा कराए गए ऑडिट में पिछले साल 54 लाख रुपऐ का हेराफेरी उजागर हुआ था। किन्तु रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

यहीं नहीं सोसायटी द्वारा की गई अनियमितताएं उजागर होने पर सरकार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को रजिस्ट्रार से कहा था। हालत यह है कि पांच महीने बाद भी मामला जस का तस है।

बता दें कि ऑडिटर इंद्रमणि राम ने पिछले साल अगस्त में जेसीएचबीएस प्रबंधन के खिलाफ 54.24 लाख रुपये के गबन के मामले में कार्रवाई की सिफारिश की थी। रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटी की कोर्ट ने इस मामले में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी स्वीकार करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए थे।

गौरतलब है कि मामले में सोसायटी के उपाध्यक्ष डीके दत्ता राय मुख्य आरोपी हैं। ऑडिट रिपोर्ट में गबन का मामला सामने आने पर राय ने अपनी सफाई में कहा था कि एकाउंटिंग की प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि पैसा सही तरीके से खर्च किया गया है लेकिन उसकी एंट्री सही नहीं हो पाई है।

अप्रैल 2010 में जेसीएचबीएस के प्रशासक महेंद्र नारायण सिंह ने सोसायटी के प्रबंधक को पत्र लिखकर बैलेंस शीट में हफ्ते के भीतर सुधार करने को कहा था। किन्तु आज तक सोसायटी द्वारा बैलेंस शीट को सुधार कर नहीं दिया गया। विभाग के रिकार्ड में जेसीएचबीएस जमशेदपुर सोसायटी सर्वाधिक बड़ी और संपन्न हाउसिंग सोसायटियों में शुमार है। शहर में इसके 13 पॉश आवासीय परिसर हैं।

राकेश कुमार, रजिस्ट्रार, को-ऑपरेटिव सोसायटी ने कहा कि जेसीएचबीएस में अनियमितता संबंधित मामला हमारे जानकारी में नहीं थी। 1 अक्टूबर को शिकायत लेकर सोसायटी के कुछ सदस्य मिले थे। फाइल में अगर अनियमितता पाई गई दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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