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गवाही देने पर डकैतों ने की बैंक मैनेजर की हत्या

छोटा गोविंदपुर के रहने वाले जबलपुर के सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में जूनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत मनोज सिंह बड़े सरल स्वभाव के थे। उनकी किसी से दुश्मनी नहीं हो सकती। उसकी हत्या बैंक डकैतों ने की है। वह छत्तीसगढ़ में बैंक डकैती के चश्मदीद गवाह थे। इस मामले में वह कुछ ही दिनों पहले गवाही देने गये थे।

परिजनों को पूरी आशंका है कि उसकी हत्या डकैतों ने ही की है। डकैतों का मुख्य टार्गेट मनोज ही थे, तभी तो एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों में से केवल मनोज को ही गोली मारी गई।

रविवार को छोटा गोविंदपुर स्थित मनोज के परिवार वालों को ढांढ़स बंधाने के लिए परिचितों व संबंधियों की भीड़ लगी रही। आसपास में मातम छाया रहा। सभी आश्चर्य जता रहे थे कि मनोज जैसे युवक की हत्या कौन कर सकता है। जिन लोगों ने उन्हें बचपन से देखा है, वे तो मनोज की मौत की खबर सुनकर स्तब्ध हो जाते हैं।

मनोज के बड़े भाई अजय सिंह कहते हैं-पूरे परिवार को यही आशंका है कि उसकी हत्या बैंक डकैतों ने गवाही देने के चलते की है। वह कुछ वर्षो पहले छत्तीसगढ़ में कार्यरत थे, तब बैंक में डकैती हुई थी। उस घटना में मनोज चश्मदीद गवाह थे। दो-चार दिन पहले मनोज छत्तीसगढ़ की अदालत में डकैतों के खिलाफ गवाही देकर लौटे थे। वे बाकल शाखा में डय़ूटी कर एक अक्तूबर की शाम घर लौट रहे थे।

एक मोटरसाइकिल पर बैंक के तीन कर्मचारी सवार थे। मनोज बीच में बैठे हुए थे। बीच रास्ते में मोटरसाइकिल पर सवार बदमाश बैंककर्मियों की मोटरसाइकिल को कैची मारकर रोकते हैं और इसके बाद मनोज को गोली मारकर फरार हो जाते हैं।

मनोज अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ जबलपुर में ही रहते थे। मनोज ने टिस्को ट्यूब बारीडीह हाई स्कूल से ही मैट्रिक तथा को-आपरेटिव कालेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद 1995 में सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में उसकी नियुक्ति हुई थी।

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