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सड़क पर सुरक्षा

आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें कई बार लोगों की जानें भी जाती है। हमारे देश में ऐसे हादसों में मरने वालों की तादाद काफी ज्यादा है। आंकड़ों की मानें तो देश भर में दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या बीमारियों से मरने वालों से भी अधिक है। इनमें से तमाम मौतें तो इस वजह से हो जाती हैं क्योंकि लोग अनजान व्यक्तियों की मदद से हिचकते हैं या फिर उन्हें किसी दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति की प्राथमिक चिकित्सा का कोई ज्ञान नहीं होता।

इन सबसे अलग सबसे बड़ी वजह है पुलिस का भय। लोग किसी की मदद यह सोचकर नहीं करना चाहते क्योंकि उन्हें लगता है कि बाद में पुलिस उन्हें परेशान करेगी। इसी सोच के चलते लोग घायल को अस्पताल ले जाना तो दूर, उसके पास रुकते तक नहीं। सोचिए, ऐसे में कितने लोग जो हमारे और आपके ही बीच के हैं, किसी की मदद के अभाव में मर जाते हैं।

अगर हम अपनी सोच में बदलाव लाएं और थोड़ा सा जागरूक बनने की कोशिश करें तो ऐसी तमाम दुर्घटनाओं में घायल होने वालों को बचाया जा सकता है। एक जिम्मेदार नागरिक होने के चलते हमें यह कोशिश इसलिए भी करनी चाहिए क्योंकि ऐसी दुर्घटना कभी हमारे या हमारे अपनों के साथ भी हो सकती है। आइए जानें कि हमारे सामने कभी ऐसी दुर्घटना होने पर हमें क्या करना चाहिए।

- सबसे पहले घायल व्यक्ति को प्राथमिक तौर पर जो भी मदद दी जा सकती है, देनी चाहिए। इसमें उसे पानी देने से लेकर आरामदायक स्थिति में लिटाना तक शामिल है।

- हड़बड़ाने और बाकी लोगों के सवालों के जवाब देने की बजाय ऐसे लोगों का सहयोग लेना चाहिए, जो समझदार और जिम्मेदार हों।

- अगर घायल बात करने की हालत में है तो उससे उसके घरवालों या दोस्तों को दुर्घटना के बारे में बताएं।

- तुरंत पुलिस को फोन कर उन्हें घटनास्थल की जानकारी दें और बताएं कि घायल की हालत कितनी गंभीर है, हालत को बढ़ा-चढ़ाकर न बताएं।

- संभव हो तो अपने किसी दोस्त या जानकार को भी घटनास्थल पर बुला लें।

- घायल को लगातार हिम्मत दें ।

- जब तक पुलिस और एंबुलेंस घटनास्थल पर न पहुंच जाएं, आप मौके पर रहें, यकीन मानें ऐसे में लोग आपका साथ जरूर देंगे।

- पुलिस के आने और घायल के एंबुलेंस से जाने के बाद ही घटनास्थल छोड़कर जाएं।

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