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म्यूचुअल फंड रेटिंग

म्यूचुअल फंड में विविधता, कम लागत और जोखिम ये सब ऐसी खूबियां हैं जो उसे  लोकप्रिय बना देती हैं, पर बाजार में मौजूद विभिन्न तरह के साइज और अलग जोखिम परिणाम वाले म्यूचुअल फंड की अधिकता निवेशकों के लिए चुनाव की समस्या उत्पन्न करती है। कुछ लोग इस संबंध में प्रतिष्ठित एजेंसियों द्वारा की गई रेटिंग पर विश्वास करना बेहतर समझते हैं।

जिन म्यूचुअल फंड्स को चार या पांच स्टार मिलते हैं, उन्हें निवेश के अनुकूल मान लेते हैं। यह रणनीति कुछ हद तक सही हो सकती है, पर जरूरी नहीं कि जो सबके लिए उपयुक्त है, वह आपके लिए भी हो। हालांकि यह बात सही है कि प्रतिष्ठित एजेंसियां जिन म्यूचुअल फंड्स को अच्छी रेटिंग देते हैं, वह अमूमन अच्छा प्रदर्शन कर रहे होते हैं। इन पर आंख मूंद कर विश्वास करना ठीक नहीं।

कुछ कंपनियां जोखिम-रिटर्न आधार पर गणना करती हैं, कुछ तीन, पांच या दस वर्ष की औसत रेटिंग को आधार बनाती हैं, लेकिन जानकार भी मानते हैं कि कई बार पांच स्टार रेटिंग को एकमात्र आधार बनाने के कारण आप कई दूसरे अच्छे फंड्स को छोड़ देते हैं।

अक्सर विशेषज्ञ निवेशकों को म्यूचुअल फंड को लंबे समय तक रखने की सलाह देते हैं। अमूमन जिन फंड्स को 5 स्टार रेटिंग दी जाती है, उन्हें तीन या तीन वर्ष से अधिक समय के लिए रखा जा सकता है। उसके बावजूद कोई भी रेटिंग किसी समय विशेष और उस दौरान विभिन्न फंड्स की उपस्थिति पर निर्भर करती है।

प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा की गई रेटिंग को आप अवश्य अपने अनुमान का आधार बना सकते हैं। एमएफ का चुनाव आपके निजी लक्ष्य, रुचि और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। कई बार कम रैंक वाले फंड आपकी जरूरत के अधिक निकट होते हैं। अत: म्यूचुअल फंड की खरीदारी करते समय फंड की संख्या और गुणवत्ता दोनों मानकों को ध्यान रखना जरूरी है।

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  • Web Title:म्यूचुअल फंड रेटिंग