DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

लोक उपक्रमों में स्वायत्ता की मांग, अधिकारी एकजुट

ेन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एकजुटता दिखाते हुए सरकार से केन्द्रीय उपक्रमों के प्रबंधन को पूर्ण स्वायत्ता दिए जाने की मांग की है। बीएसएनएल, एमटीएनएल, एनटीपीसी, एनएचपीसी, एफसीआई, ऑयल इंडिया, आेएनजीसी, आईआेसी, गेल, सेल सहित अनेक केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारी संघों के पदाधिकारियों ने समन्वय समिति के बैनर तले शुक्रवार को नई दिल्ली में संवाददाताआें के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय उपक्रमों के अधिकारियों के नए वेतनमान के बारे में सरकार के झूठे प्रचार से उन्हें काफी ठेस पहुंची है। उन्होंने सरकार के इस दावे को सरासर गलत बताया कि केन्द्रीय उपक्रमों में शुरुआती स्तर पर ही अधिकारियों को एक लाख रुपए का वेतन मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया आज केन्द्रीय उपक्रमों के खिलाफ हो गया है। निजी कंपनियों को घाटा होता है अथवा उनके प्रबंधन में धोखाधडी होती है तो सरकार सत्यम और जेट एयरवेज जैसी निजी कंपनियों को राहत देने के लिए आगे आ जाती है लेकिन अपने ही केन्द्रीय उपक्रमों के भले के लिए वह कदम उठाने में आनाकानी और देरी करती है। को-आर्डिनेशन कमेटी ऑफ आफीसर्स एसोसिएसन ऑफ सीपीएसयू के संयोजक राकेश पांडे ने संवाददाताआें के सवालों के जबाव में कहा कि अब उनकी मांग केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को पूर्ण स्वायत्ता दिए जाने को लेकर है। उन्होंने कहा कि सरकार को केन्द्रीय उपक्रमों के निदेशक मंडल को कंपनी से जुड़े तमाम मुद्दों के बारे में पूरी स्वायत्ता दे देनी चाहिए। यहां तक कि कंपनी कर्मचारियों के वेतन संबंधी मुद्दे भी बोर्ड के हवाले ही कर देने चाहिए। पांडे ने आरोप लगाया कि हाल में तेल क्षेत्र अधिकारी संघ की हड़ताल के दौरान सरकार ने अधिकारियों के वेतन को लेकर जमकर दुष्प्रचार किया जिससे वह काफी आहत हैं। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों के जिन अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है उनके हितों के लिए भी आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि समन्वय समिति आने वाले दिनों में अपना अभियान तेज करेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: लोकउपक्रमों में स्वायत्ता की मांग,अधिकारी एकजुट