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राष्ट्रमंडल खेलः पांच 'ग्लैमर गर्ल' रहेंगी आकर्षण का केन्द्र

राष्ट्रमंडल खेलः पांच 'ग्लैमर गर्ल' रहेंगी आकर्षण का केन्द्र

दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में देशभर की उम्मीदें अपनी पांच महिला खिलाडियों बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल, उनकी साथी खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा, देश की पहली महिला विश्व चैंपियन निशानेबाज तेजस्विनी सावंत, टेनिस परी सानिया मिर्जा और स्क्वैश की नवोदित स्टार दीपिका पल्लीकल पर बहुत कुछ निर्भर होंगी।
 
बैडमिंटन में विश्व की तीसरे नंबर की खिलाडी सायना नेहवाल स्वर्ण पदक की शर्तिया दावेदार हैं। हाल में सायना ने लाजवाब खेल दिखाया है और विश्व रैंकिंग में लगातार सुधार भी किया है। उन्होंने कुछ माह पहले लगातार तीन सुपर सीरीज खिताब जीतकर दुनिया भर में अपने प्रतिद्वंद्वियों के लिए खतरे की घंटी बजा दी थी।
 
विश्व चैंपियनशिप में हालांकि इस हैदराबादी बाला को निराशा हाथ लगी थी लेकिन वह इससे उबरकर शानदार प्रदर्शन के लिए तैयार हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में मिलने वाली चुनौतियों से भली भांति वाकिफ सायना ने विश्वास व्यक्त किया है कि वह इन खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोडेंगी।
 
सायना और अन्य महिला बैडमिंटन खिलाडी हैदराबाद की ही ज्वाला गुट्टा को क्रमशः एकल और युगल मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीतने का दावेदार माना जा रहा है। सात बार राष्ट्रीय युगल चैंपियंन रह चुकी ज्वाला ने तो कहा है कि वह देश के लिए कम से कम दो स्वर्ण जरूर झटकेंगी।

निशानेबाजी के क्षितिज पर पुरूष वर्चस्व को तोडते हुए अचानक उभरी महिला विश्व चैंपियन तेजस्विनी सावंत से इस बार सबको उम्मीदें बंधी हैं। देशवासी तो क्या तेजस्विनी के प्रतिद्वंद्वी उनका लोहा मान रहे हैं।
 
पुणे की तेजस्विनी ने गत माह म्यूनिख में संपन्न विश्व चैंपियनशिप में 600 में से 597 का स्कोर कर इस प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव प्राप्त किया था। इसके अलावा उन्होंने महिला निशानेबाजी में विश्व रिकार्ड भी कायम किया था।
 
टेनिस में हैदराबादी बाला सानिया मिर्जा से पदक की उम्मीद की जा रही है। लंबे समय तक आउट आफ फार्म रही सानिया ने हाल में अच्छी वापसी की है। घरेलू माहौल में और अपेक्षाकृत आसान प्रतिद्वंद्वियों के सामने उनके लिए यह पदक जीतने का बेहतरीन मौका है। वर्ष 2009 में महेश भूपति के साथ मिलकर आस्ट्रेलियन ओपन का मिश्रित युगल जीतने वाली सानिया से एकल और युगल दोनों मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

स्क्वैश में दीपिका पल्लीकल ने विश्व चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन कर भारत की उम्मीदें बढाई हैं। यूरोपीय और एशियाई स्क्वैश रैंकिंग में शीर्ष स्थान पाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाडी चेन्नई की दीपिका अपने नाम कई खिताब कर चुकी हैं। इस कडी में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्णिम नगीना वह जड पाएं तो उनके और देशवासियों के लिए इससे बडी खुशी क्या होगी।
 
उपरोक्त पांच सितारों के अलावा महिलाओं में तीरंदाज डोला बनर्जी, दीपिका कुमारी और बोम्बाल्या देवी से भी पदक उम्मीदें हैं। महिला हाकी टीम पिछले दो खेलों में पदक हासिल कर चुकी है और इस बार भी इन खेलों में पदक जीतने की दावेदार रहेगी।

दुनिया की टाप 50 रैंकिंग में शुमार देश की एकमात्र महिला जिमनास्ट दीपा करमाकर यदि कामयाबी हासिल कर लें तो यह सोने पर सुहागे जैसा होगा। इसके अलावा बैडमिंटन में अपर्णा बालन, स्क्वैश में जोशना चिनप्पा, भारोत्तोलन में सोनिया चानू, मोनिका देवी, हाकी में रानी रामपाल और सबा अंजुम जैसी खिलाडियों से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें हैं।  

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