अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पहचान के लिए ऑस्कर के मोहताज नहीं:अमिताभ

फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन नेशुक्रवार कोयहां कहा कि ऑस्कर पुरस्कार मिले या नहीं मिले भारतीय फिल्में श्रेष्ठ है। यहां साहित्य उत्सव में भावना सोमैया द्वारा लिखित ‘बच्चनावलियां’ पुस्तक का विमोचन करने आए अमिताभ बच्चन ने श्रोताआें के प्रश्न पर यह बात कहीं। उन्होंने कहा कि ऑस्कर पुरस्कार मिलता है तो हम उसका निरादर नहीं करते। ऑस्कर पुरस्कार का अपना महत्व है और भारतीय फिल्में अपनी जगह है। हमारी फिल्मों को पुरस्कार दे तो अच्छा और नहीं दे तो यादा अच्छा। अमिताभ बच्चन ने कहा कि फिल्मों में प्रतिभाआें की कमी नहीं है। हॉलीवुड की तरह संसाधन और तकनीक उपलब्ध हो जाए तो बालीवुड का कोई सानी नहीं है। स्लमडॉग मिलेनियर की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने इस फिल्म की कोई आलोचना नहीं की। मेरे ब्लॉग में कुछ लोगों के विचार आए थे कि फिल्म में भारत की गलत तस्वीर दर्शाई है जिसे मीडिया ने गलत तरीके से प्रचारित किया। उन्होंने संगीतकार एआर रहमान को पुरस्कृत करने पर उनकी सराहना की। भारतीय फिल्मों में हिंसा को महत्व देने को गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग हिंसा दिखाने की वजह से नहीं चल रहा। हिंसा को मिटाने का मार्ग दिखाने के लिए हिंसा के दृश्य तो दिखाने पड़ते ही है। अमिताभ बच्चन ने कहा कि मेरे हिसाब से भारत का विभाजन बड़ी हिंसा थी और यह फिल्में देखने से पैदा नहीं हुई। बिहार की चर्चा करते अमिताभ बच्चन ने कहा कि वहां सिनेमाघर कम है लेकिन हिंसा की घटनाएं अधिक होती है। इसके विपरीत आंध्रप्रदेश में यादा सिनेमाघर होने के बावजूद हिंसा की घटनाएं कम होती है। इसलिए हिंसा को फिल्मों से जोड़ना गलत है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि सब लोग संविधान का आदर करे तथा एकता के साथ धर्मनिरपेक्षता को कायम रखने का प्रयास करे। दिलीप कुमार तथा वहीदा रहमान को आदर्श बताते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा कि मैंने हर पीढ़ी के कलाकार के साथ काम किया है। नई पीढ़ी के लोगों में भी प्रतिभा है। आत्मकथा लिखने के बारे में पूछे प्रश्न पर अमिताभ बच्चन ने कहा मैं एक अच्छा लेखक नहीं हूं। मैं अपनी आत्मकथा नहीं लिख सकता।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पहचान के लिए ऑस्कर के मोहताज नहीं:अमिताभ