DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नक्सली चंगुल से रिहा हुए जवानों के चेहरों पर खौफ

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से लापता पुलिसकर्मी 12 दिन बाद आखिरकर नक्सलियों के कब्जे से मुक्त होकर घर लौट आये हैं। पुलिसकर्मियों के परिजन उन्हें अपने बीच पाकर खुश हैं, वहीं लगातार जिंदगी और मौत के बीच झूलते इन पुलिसकर्मियों के चेहरे पर खौफ साफ देखा जा सकता है।

छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाके बीजापुर को घने जंगलों और पठारी भू भाग के लिए भी जाना जाता है जो नक्सलियों को सामरिक रूप से मदद पहुंचाता है। इन्हीं जंगलों के बीच बसे भोपालपटनम थाने में पदस्थ सात पुलिसकर्मी इस महीने की 19 तारीख को करीब के भद्राकाली थाना क्षेत्र के लिए निकले थे। रास्ते में नक्सलियों ने धावा बोला और तीन पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी तथा चार अन्य का अपहरण कर लिया था। आखिरकर सभी पुलिसकर्मी 12 दिन की कश्मकश के बाद गुरुवार रात रिहा हो गए।

नक्सलियों के कब्जे से रिहा होने के बाद पुलिसकर्मियों ने दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में बताया कि 19 तारीख को वे अपने थाने भोपालपटनम से निकले और करीब के डेपला गांव के जंगल से गुजर रहे थे तभी वहां दर्जन भर से ज्यादा हथियारबंद नक्सलियों ने उन्हें घेर लिया और उनसे यहां आने का कारण और पहचान पूछी। जब पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान बताई तब नक्सलियों ने उनके हाथ पैर बांध दिए तथा उनके आंखों पर पटटी बांध दी गई।

पुलिस कर्मियों ने बताया कि इसी बीच नक्सलियों ने उनके तीन साथियों की हत्या कर दी और चारों को अपने साथ जंगल के भीतर ले गए। पुलिस कर्मियों के मुताबिक नक्सली उन्हें लगातार पैदल चला रहे थे और इस दौरान उनकी आंखों पर पटटी बंधी रहती थी। बाहर की दुनिया में क्या हो रहा था उन्हें पता नहीं चलता था और हमेशा उनके मन में मौत का खौफ बना रहता था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:नक्सली चंगुल से रिहा हुए जवानों के चेहरों पर खौफ