DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

5,238 पष्ठों में 274 पुस्तकों और 798 फैसलों का हवाला

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनउ पीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने अयोध्या मामले पर दिए गए 5,238 पृष्ठों के फैसले में 274 पुस्तकों तथा 798 निर्णयों का हवाला दिया है।

करीब साठ साल पुराने इस मामले का फैसला देने में न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने वैदिक युग की ऋचाओं से लेकर हाल के न्यायिक फैसलों और इतिहास के सभी युगों की पुस्तकों का उद्धरण दिया है। न्यायमूर्ति एसयू खान के साथ अलग फैसला देने वाले न्यायमूर्ति अग्रवाल ने अपना फैसला 21 खंडों और 5238 पृष्ठों में सुनाया है और इसमें उन्होंने 274 पुस्तकों और 798 फैसलों का हवाला दिया।

जिन पुस्तकों का उन्होंने संदर्भ दिया है वह प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट, विभिन्न उच्च न्यायालयों और प्रिवी काउंसिल के निर्णयों का हवाला दिया है। उन्होंने अपने फैसले में तुगलक काल में भारत की यात्रा पर आने वाले इब्न ए बतूता समेत मुस्लिम यात्रियों द्वारा लिखी पुस्तकों, आस्ट्रेलियाई इतिहासकार एएल बाशम की पुस्तक, गीता समेत हिंदू और मुस्लिम धर्मग्रंथों का हवाला दिया है। न्यायमूर्ति अग्रवाल ने अपने फैसले में भगवत गीता तथा हिंदुओं तथा मुसलमानों के अन्य पवित्र पाठों का भी संदर्भ दिया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:5,238 पष्ठों में 274 पुस्तकों और 798 फैसलों का हवाला