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'सूकी की रिहाई की योजना में कोई चाल है'

'सूकी की रिहाई की योजना में कोई चाल है'

म्यांमार द्वारा लोकतंत्र की प्रतीक आंग सान सूकी को रिहा किए जाने का संकेत देने के बाद एक अमेरिकी सांसद ने सैन्य शासन पर आगामी चुनावों को वैध ठहराने के लिए चाल चलने का आरोप लगाया है।

म्यांमार के अधिकारियों ने कहा है कि सूकी को चुनावों के कुछ दिन बाद नवंबर में रिहा कर दिया जाएगा। वर्ष 1990 में सूकी की पार्टी ने चुनाव जीता था लेकिन उन्हें सरकार बनाने की अनुमति नहीं मिली थी और तब से ही सूकी ज्यादातर समय नजरबंद रही हैं।

न्यूयार्क से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद जोसेफ क्राउले ने कहा हमें लगता है कि यह जुंटा सरकार की चाल है। बदलाव का भ्रम बनाने के लिए वह लोग सूकी को रिहा करेंगे और वोट हासिल करेंगे। इसके बाद उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

क्राउले ने म्यांमार के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों की जोरदार वकालत की थी। उन्होंने कहा अगर सैन्य सरकार बदलाव लाने तथा लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराने के लिए सचमुच गंभीर है तो उन्हें सूकी तथा उनकी पार्टी के अन्य सदस्यों को अभी रिहा कर देना चाहिए।

क्राउले ने कहा कि दुर्भाग्यवश, उनका यह दावा गलत तरीके से हो रहे चुनावों को जायज ठहराने की चाल है कि सूकी को वह रिहा कर सकते हैं। यह इस बात का सबूत है कि जुंटा सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी कह सकते हैं और कह सकते हैं।
सूकी की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी सात नवंबर को होने जा रहे चुनावों का बहिष्कार कर रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने भी चुनावों की विश्वसनीयता को लेकर संदेह जताया है। हालांकि अमेरिका ने पिछले साल म्यांमार को निर्वासन से निकालने के लिए जुंटा के साथ बातचीत शुरू की थी।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने गुरुवार को कहा था कि चुनाव लोकतंत्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।

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